n सुनील गौड़, फरीदाबाद
भीषण गर्मी में घटते जलस्तर और ट्यूबवेलों का पानी खारा होने के कारण साफ पानी की कमी बनी हुई है। शहर को हर रोज 450 मेगालीटर प्रति दिन (एमएलडी) पानी चाहिए, लेकिन निगम 330 एमएलडी पानी दे पा रहा है। इसमें से 1790 ट्यूबवेल से भी पानी शहर में सप्लाई किया जा रहा है। आज भी 125 एमएलडी की कमी है, जिसे पूरा करने के लिए प्लान तैयार तो किया जा रहा है। लेकिन देखने वाली बात ये है कि वह प्लान कब तक सिरे चढ़ पाएगा। फरीदाबाद मैट्रोपॉलिटन डिवेलपमेंट अथॉरिटी (एफएमडीए) और नगर निगम को इसका समाधान करने में लगे हुए हैं।
पश्चिमी हिस्से तक पानी पहुंचने में होती है परेशानी
2011 की जनगणना के आंकड़ों की मानें तो शहर की आबादी 14 लाख थी, लेकिन मौजूदा समय में आबादी 25 लाख से भी अधिक हो चुकी है। इस लिहाज से शहर को पानी की अधिक जरूरत है, लेकिन बूस्टरों के माध्यम से शहर में पर्याप्त पानी पहुंच नहीं पा रहा है। शहर की भौगोलिक स्थिति को समझा जाए तो शहर के किनारे से यमुना गुजर रही है। यमुना रिचार्ज जोन है, जहां पर बड़े बड़े रेनीवेल लगाए हुए हैं। ये रेनीवेल 20 से 25 किलाेमीटर की मोटी लाइनों से पानी की सप्लाई शहर के बूस्टर तक करते हैं। रेनीवेल शहर के पूर्वी हिस्सी में लगे हैं। जब पानी की सप्लाई रेनीवेल से चलती है तो पूर्वी हिस्से के सेक्टरों व कॉलोनियों में भरपूर मात्रा में पानी आता है, लेकिन जब हाइवे पार करके पानी पश्चिमी हिस्से के बूस्टरों तक जाता है तो वह काफी कम हो जाता है। क्योंकि रेनीवेल के पानी का इस्तेमाल पूर्वी हिस्से में अधिक हो जाता है, इसलिए एनआईटी और बड़खल विधानसभा के लोग हरेक गर्मी में पानी के लिए तरस सकते हैं। शहर को इस वक्त हर रोज 450 एमएलडी पानी चाहिए, लेकिन नगर निगम 330 एमएलडी पानी दे पा रहा है। इसमें से 1790 ट्यूबवेल से भी पानी शहर सप्लाई किया जा रहा है। आज भी 125 एमएलडी की कमी है। इस कमी के कारण डबुआ कॉलोनी, संजय कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी, पर्वतीय कॉलोनी और सैनिक कॉलोनी समेत अन्य कॉलोनियां में भी समस्या बनी हुई है।

