पश्चिम एशिया में शांति समझौते की जो उम्मीद बनी थी, वह ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की खबरों के बाद धुंधली पड़ गई। इससे कच्चे तेल के दाम बढ़ गए और रुपये में जो मजबूती दिख रही थी, वह भी खत्म हो गई। तेल की कीमतें बढ़ने से एविएशन, पेंट, केमिकल, लॉजिस्टिक्स और सीमेंट जैसे सेक्टरों की लागत बढ़ेगी, जिससे उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

