n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : यह तो अब पूरी तरह साफ हो चुका है कि यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, विधानसभा चुनावों के बाद ही होंगे। इसी लिए योगी सरकार ने सोमवार को प्रदेश के प्रधानों का कार्यकाल छह महीने बढ़ाते हुए उन्हें ही ग्राम सभाओं का प्रशासक नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है। प्रधानों की तर्ज पर ही अब सरकार जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों का भी कार्यकाल बढ़ाने पर विचार कर रही है। उन्हें भी जिला पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों का प्रशासक बनाया जाएगा।
पंचायती राज निदेशालय के मुताबिक, यूपी के 75 जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल 11 जुलाई 2026 को खत्म हो रहा है। जबकि, 826 ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल 19 जुलाई 2026 को समाप्त हो रहा है। हालांकि, अभी तक ब्लॉक प्रमुख का कार्यकाल खत्म होने पर उनके स्थान पर एसडीएम को और जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल खत्म होने पर उनके स्थान पर डीएम को प्रशासक नियुक्ति किया जाता रहा है। लेकिन, सरकार इस बार ग्राम पंचायतों की तरह ही क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों में भी नई व्यवस्था लागू करना चाहती है। इसके लिए ‘ऊपर’ से पंचायती राज विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
विभागीय सूत्रों का दावा है कि सरकार की योजना है कि जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल बढ़ाने के साथ-साथ वर्तमान अध्यक्षों और प्रमुखों को उनके पदों पर प्रधानों की तरह प्रशासक नियुक्त किया जाए। ताकि, पंचायती राज संस्थाओं में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक प्रशासनिक कार्य सुचारु रूप से चलता रहे। वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों को प्रशासक बनाए जाने से स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों में व्यवधान नहीं आएगा और चुनाव की तैयारियों के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।

