NBT रिपोर्ट, मुंबई: शेयर बाजार रेगुलेटर सेबी ( Sebi ) इस बात की समीक्षा करेगा कि क्या उन कंपनियों के लिए नियमों में कुछ ढील दी जा सकती है जो सिर्फ बॉण्ड के जरिए पैसा जुटाती हैं। सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने मंगलवार को कहा कि यह कदम कॉरपोरेट बॉण्ड मार्केट को और मजबूत बनाने की कोशिशों का हिस्सा है। पांडे ने बॉण्ड मार्केट में रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी कम होने पर दुख जताया है।
CareEdge रेटिंग्स के एक कार्यक्रम में बोलते हुए पांडे ने बताया कि सेबी जल्द ही 'बॉण्ड टोकनाइजेशन ' का एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेगा। इसका मकसद यह देखना है कि क्या इस नई तकनीक से बॉण्ड का लेन-देन जल्दी और ज्यादा पारदर्शी तरीके से हो सकता है। पांडे ने कहा, हमें यह देखने की जरूरत है कि क्या सिर्फ बॉण्ड मार्केट में लिस्टेड कंपनियों को भी जानकारी देने के लिए उन्हीं कड़े नियमों का पालन करना चाहिए, जो शेयर बाजार वाली कंपनियों के लिए होते हैं। हम आने वाले समय में इसकी समीक्षा करेंगे।
पांडे ने बताया कि RBI की तरफ से फाइनल गाइडलाइंस आते ही स्टॉक एक्सचेंज कॉरपोरेट बॉण्ड रीपो प्लैटफॉर्म शुरू करने के लिए तैयार हैं। टोकनाइजेशन का पायलट प्रोजेक्ट नई तकनीक (डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी) पर आधारित होगा। इससे यह टेस्ट किया जाएगा कि क्या बॉण्ड की ट्रैकिंग और लेन-देन को ऑटोमैटिक और ज्यादा साफ-सुथरा बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सेबी नई तकनीकों के लिए तैयार है, लेकिन हर कदम सावधानी से उठाएगा।
सेबी म्यूनिसिपल बॉण्ड मार्केट को भी बड़ा बनाने की कोशिश कर रहा है। इसके नियमों की समीक्षा की जा रही है।

