भीषण गर्मी में पानी के लिए तरस रहा इंडस्ट्रियल एरिया

नवभारतटाइम्स.कॉम

गुड़गांव के औद्योगिक इलाकों में भीषण गर्मी के कारण पानी की गंभीर समस्या है। फैक्ट्रियों और कंपनियों को निजी टैंकरों से पानी खरीदना पड़ रहा है। टैंकरों के मनमाने दाम से उद्यमियों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उद्योग विहार, कादीपुर, बसई और आईएमटी मानेसर जैसे क्षेत्रों में पानी की भारी किल्लत देखी जा रही है।

severe heat exacerbates water crisis in gurgaons industrial areas increased reliance on private tankers

n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव

भीषण गर्मी के बीच गुड़गांव के कई प्रमुख इंडस्ट्रियल एरिया में जल संकट गहराता जा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि फैक्ट्रियों और कंपनियों में अब निजी वॉटर टैंकरों के जरिए प्यास बुझाई जा रही है। टैंकर वाले मनमाने रेट लगा रहे हैं, मजबूरी में उद्यमियों को उसका भुगतान करना पड़ता है। उद्योग विहार, कादीपुर, बसई, आईएमटी मानेसर समेत कई क्षेत्रों में पानी की भारी किल्लत है। उद्यमियों का कहना है कि जलापूर्ति में कमी के कारण उन्हें रोजाना कई टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। इससे उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता जा रहा है।

हरियाणा इंडस्ट्रियल असोसिएशन के चेयरमैन किशन कपूर का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में में हर साल गर्मी के दिनों में पानी को लेकर किल्लत होती है। उनका कहना है कि इंडस्ट्रियल यूनिट्स जितनी बड़ी होती है और उसमें कर्मचारियों की संख्या भी अधिक होती है ऐसे में उन्हें दिन भर में पांच से छह टैंकर मंगाने पड़ते हैं। टैंकर वाले 1800 से 3000 रुपये प्रति टैंकर चार्ज कर रहे हैं। आईएमटी मानेसर सेक्टर-3 के एक उद्यमी का कहना है कि पानी को लेकर पिछले कुछ दिनों से परेशानी आ रही है। धीरे-धीरे निजी टैंकरों पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। कादीपुर इंडस्ट्रियल एरिया के उद्यमी विक्रम साहू का कहना है कि जब से गर्मी बढ़ी है तब से पानी की समस्या आ रही है। जलापूर्ति को लेकर सरकारी स्तर पर व्यवस्था होनी चाहिए। गुड़गांव उद्योग असोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण यादव का कहना है कि सभी औद्योगिक क्षेत्रों में वॉटर सप्लाई की उचित व्यवस्था किए जाने की जरूरत है।