n NBT न्यूज, लखनऊ: भीषण गर्मी और लू के बीच राजधानी में ईद-उल-अजहा ( बकरीद ) पूरे उत्साह के साथ मनाई गई। ईदगाहों और मस्जिदों से लोगों को ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संदेश दिया गया। नमाज के बाद गर्मी से राहत के लिए खास दुआएं भी की गईं।
गुरुवार सुबह फज्र की नमाज के बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू हो गया। शहर की मस्जिदों और ईदगाह ों में बकरीद की नमाज अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। शुक्रवार शाम तक भी कई जगह कुर्बानी का सिलसिला जारी रहा। कुर्बानी तीन दिन तक होती है। ऐशबाग ईदगाह में पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, विधायक रविदास मेहरोत्रा और अन्य सामाजिक व राजनीतिक लोगों ने भी पहुंचकर लोगों को बकरीद की मुबारकबाद दी।
पर्यावरण को बेहतर बनाने की अपील: ऐशबाग ईदगाह में मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने नमाज पढ़ाई। मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि कुर्बानी हजरत इब्राहीम (अ.स.) और हजरत इस्माईल (अ.स.) की याद में की जाती है। मौलाना खालिद ने कहा, पैगंबर मोहम्मद साहब का कथन है कि जो भी एक पौधा लगाएगा उसका बहुत सवाब (पुण्य) है। उन्होंने लोगों से पौधे लगाने और पर्यावरण को बेहतर बनाने की अपील भी की। बड़ा इमामबाड़ा की आसिफी मस्जिद में मौलाना रज़ा हैदर जैदी ने कहा कि बकरीद सिर्फ जानवर की कुर्बानी नहीं, बल्कि अपने अहंकार और बुरी आदतों को छोड़ने का भी संदेश देती है। उन्होंने कहा कि लखनऊ की गंगा-जमुनी तहजीब और भाईचारे को बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। जामा मस्जिद ऐशबाग में काजी-ए-शहर मुफ्ती अबुल इरफान फिरंगी महली ने नमाज पढ़ाई। उन्होंने कहा कि ईद-उल-अजहा हमें त्याग, इंसानियत और दूसरों का ख्याल रखने का संदेश देती है। उन्होंने लोगों से कहा कि किसी को तकलीफ न दें, बल्कि दूसरों के लिए खुशी और राहत का कारण बनें। उन्होंने देश की तरक्की, अमन और फिलिस्तीन के लोगों की सुरक्षा के लिए भी दुआ करने की अपील की।

