n NBT न्यूज, फरीदाबाद
नगर निगम सदन के गठन को एक साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक फाइनैंस कमिटी का गठन नहीं हो पाया है। इसका असर शहर के विकास कार्यों पर पड़ रहा है, क्योंकि 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाले कार्यों की फाइलें समय पर पास नहीं हो पा रही हैं। इसी बीच सरकार ने यू-टर्न लेते हुए मेयर और पार्षदों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। संबंधित पक्षों को एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
बता दें कि नगर निगम चुनाव 2 मार्च 2025 को हुए थे और 12 मार्च को परिणाम घोषित किए गए थे। पहली बार प्रत्यक्ष मतदान से मेयर चुनी गईं प्रवीण जोशी ने पदभार संभाला, लेकिन अब तक फाइनैंस कमिटी का गठन नहीं हो सका है।
फाइलें मंजूरी के लिए पंचकूला भेजी जा रहीं
फाइनैंस कमिटी में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर और दो पार्षद शामिल होते हैं। यह पांच सदस्यीय कमिटी 50 लाख रुपये से अधिक और 10 करोड़ रुपये तक के विकास कार्य ों की फाइलों को मंजूरी देती है। फिलहाल कमिटी न होने के कारण ये फाइलें निगम कमिश्नर से होते हुए अंतिम मंजूरी के लिए पंचकूला भेजी जा रही हैं, जिससे विकास कार्यों में देरी हो रही है। पार्षदों का कहना है कि कई विकास कार्य ऐसे हैं, जिनका बजट 50 लाख रुपये से अधिक होता है। अगर फाइनैंस कमिटी गठित हो जाए तो इन फाइलों को स्थानीय स्तर पर ही मंजूरी मिल सकेगी और विकास कार्य तेजी से शुरू हो पाएंगे, लेकिन फाइनैंस कमिटी बन ही नहीं पा रही है।

