n NBT न्यूज, बल्लभगढ़
बल्लभगढ़ सदर थाना क्षेत्र में फर्जी हथियार लाइसेंस बनवाने और अवैध तरीके से हथियार उपलब्ध कराने के एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने दर्जनों लोगों को झांसे में लेकर लाखों रुपये की ठगी की है।
थाने में दर्ज केस के मुताबिक जाजरु गांव निवासी मनीष डागर ने शिकायत में बताया कि फतेहपुर बिल्लौच गांव निवासी ओमबीर ने खुद को सेना से जुड़ा बताते हुए उसके छोटे भाई कुलवंत डागर को अपने जाल में फंसाया है। कुलवंत वर्ष 2015 से भारतीय सेना में कार्यरत है और वर्तमान में उसकी तैनाती पठानकोट (पंजाब) में है। आरोप है कि ओमबीर ने हथियार लाइसेंस बनवाने के नाम पर उसके भाई से 95 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। ओमबीर ने अपने साथी राजेश कुमार निवासी फाजिल्का (पंजाब) के साथ मिलकर फर्जी तरीके से लाइसेंस तैयार करवाए। इसके बाद पीड़ित पर दबाव बनाया गया कि वह हथियार भी उसी के बताए ‘न्यू पंजाब गन हाउस’से ही खरीदे। आरोप है कि इसी शर्त के तहत कुलवंत को करीब 3 लाख 55 लाख रुपये में पिस्टल खरीदने के लिए मजबूर किया गया। मामले की गंभीरता इस बात से भी सामने आती है कि आरोपियों ने इसी तरह 5-6 अन्य व्यक्तियों के लाइसेंस बनवाने का दावा किया है, जबकि करीब 50 से अधिक लोगों से लाइसेंस बनवाने के नाम पर पैसे वसूलने की बात सामने आई है। आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय हो सकता है और फर्जी दस्तावेजों के जरिए अवैध हथियारों का नेटवर्क चला रहा है।
पुलिस के अनुसार, थाना सदर बल्लभगढ़ में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

