Land Budget Revealed Property Dealer Hatched A Nefarious Plan For Kidnapping And Murder
ज़मीन खरीदने का बजट बतायातो बना लिया अपहरण का प्लान
नवभारतटाइम्स.कॉम•
nNBT न्यूज, लखनऊ
केजीएमयू के नर्सिंग अधीक्षक पवन गर्ग और उनके दोस्त सचिन विश्वकर्मा की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्या के आरोप में पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पवन के पास जमीन खरीदने के लिए 50 से 60 लाख रुपये होने की जानकारी मिलने के बाद इटौंजा निवासी प्रॉपर्टी डीलर नितिन मिश्रा उर्फ डब्लू ने अपहरण कर फिरौती वसूलने की साजिश रची थी। रकम देने से इनकार करने पर दोनों की हत्या कर शव सरयू नदी में फेंक दिए गए। पुलिस गोताखोरों की मदद से शवों की तलाश कर रही है।डीसीपी नॉर्थ अमित कुमार आनंद के मुताबिक, तीन महीने पहले एक दोस्त के जरिए पवन की पहचान नितिन से हुई थी। पवन ने नितिन से करीब 50 से 60 लाख रुपये की खेती वाली जमीन खरीदने की इच्छा जताई थी। पुलिस का दावा है कि यहीं से नितिन ने पवन के अपहरण और फिरौती वसूलने की योजना बना ली।
टोल से बिना रुपये दिए निकल जाता था नितिन
पुलिस के अनुसार, 27 सितंबर को नितिन ने पवन को बुलाया। रात आठ बजे पवन अपने दोस्त सचिन के साथ भिटौली क्रॉसिंग पहुंचे। वहां नितिन मिला और दोनों को इटौंजा टोल प्लाजा के आगे एक ढाबे पर ले गया। ढाबे पर शराब पीने के दौरान रात 12 बजे पवन और नितिन के बीच विवाद हो गया। इसी दौरान नितिन ने अपने चार साथियों के साथ दोनों को जबरन कार में बैठा लिया और पवन की कार ढाबे पर ही छोड़ दी।
निर्माणाधीन मकान में 11 घंटे बनाया बंधक
एसीपी अलीगंज शशि प्रकाश मिश्रा के मुताबिक, आरोपित दोनों को इटौंजा के अन्नामऊ गांव स्थित नितिन के निर्माणाधीन मकान में ले गए। वहां दोनों के हाथ-पैर और मुंह बांध दिए गए। नशा उतरने के बाद नितिन ने पवन से 50 लाख रुपये फिरौती मांगी। रुपये देने से इनकार पर दोनों को पीटा। पुलिस के अनुसार, नितिन रात 3 बजे वहां से निकला और फौजी ढाबे के पास खड़ी पवन की कार लेकर सीतापुर गया। वहां कार को सूनसान स्थान पर छोड़ने के बाद लौट आया। इस दौरान करीब 11 घंटे तक दोनों को बंधक बनाकर रखा गया। 28 सितंबर की दोपहर 12 बजे पवन से दोबारा 50 लाख रुपये मांगे गए। इनकार करने पर नितिन ने रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद पहचान उजागर होने के डर से सचिन की भी हत्या कर दी गई।
आपराधिक प्रवृत्ति का है आरोपित नितिन
मड़ियांव पुलिस के एसआई अमित साहू और नितिन कुमार जांच के दौरान इटौंजा टोल प्लाजा पहुंचे। पुलिस ने पवन की कार का नंबर बताया तो टोल कर्मचारियों ने जानकारी दी कि कार में पवन के साथ नितिन उर्फ डब्लू भी टोल पार करता दिखाई दिया था। पुलिस के मुताबिक, नितिन टोल पर अक्सर बिना भुगतान किए निकल जाता था। वह इटौंजा के कुछ ढाबों पर भी बिना पैसे दिए खाना खाता था। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने नितिन को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ वारदात की बात कबूल की, जिसके बाद अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार किया गया।
सरयू नदी में फेंके शव
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद 28 सितंबर शाम पांच बजे आरोपित दोनों के शव कार में लेकर निकले। महमूदाबाद होते हुए वे चलहरी घाट पहुंचे और रात 8 बजे दोनों के शव सरयू नदी में फेंक दिए। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से देर रात तक नदी में तलाश कराई। शुक्रवार को भी पुलिस टीम ने शवों की तलाश जारी रखी, लेकिन दोनों का अभी तक पता नहीं चल सका है।