ग्राहकों की शिकायतों पर RBI सख्त, बैंकों से कहा- सुधारें अपना सिस्टम

नवभारतटाइम्स.कॉम•
rbis strict stance on banks directs immediate improvements on customer complaints
nNBT रिपोर्ट

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ( RBI ) ने बैंकों में लगातार बढ़ रही ग्राहकों की शिकायतों और सिस्टम की कमियों पर सख्त रुख अपनाया है। RBI ने बैंकों को अपने कामकाज और प्रोसेस में मौजूद खामियों को पहचानकर उन्हें जड़ से खत्म करने के निर्देश दिए हैं। ET के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 में लोकपाल के पास शिकायतों में 13.5% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। RBI ने इस बात पर चिंता जताई कि कई शिकायतें बैंकों के अंदरूनी लोकपाल तक पहुंचे बिना ही सीधे आरबीआई के पास पहुंच रही हैं, जिससे बैंकिंग सिस्टम के शिकायत निपटारे के ढांचे पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, पिछले महीने हुई एक बैठक में RBI ने बैंकों से उन बुनियादी, प्रोसेस और कामकाज से जुड़ी कमियों की पहचान करने को कहा जिनकी वजह से शिकायतें आ रही हैं। साथ ही, बार-बार आने वाली शिकायतों की वजह का पता लगाने का निर्देश दिया।

क्या है निर्देश? : एक अधिकारी ने बताया कि रेगुलेटर ने ऐसे कदम उठाने और लागू करने को कहा है, जिससे इस तरह की शिकायतें बार-बार न आएं।

क्या है सुझाव?: एक अन्य अधिकारी ने कहा कि एक सुझाव यह भी था कि शिकायतों को सही ढंग से सुलझाने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम जैसे इंडस्ट्री-लेवल के कदम उठाए जाएं। इसमें इंडस्ट्री-लेवल पर ट्रेनिंग होगी ही, साथ ही हर बैंक का बोर्ड RBI के दिशानिर्देशों के हिसाब से अपनी अलग रणनीति बनाएगा।

क्या है चिंता की बात? : जुलाई में बैंकों और आरबीआई से जुड़े अन्य संस्थानों के इंटरनल ओम्बड्समैन की सालाना कॉन्फ्रेंस में, डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे. ने ध्यान दिलाया कि आरबीआई लोकपाल के स्तर पर ग्राहकों के हक में सुलझाई गई शिकायतों में से एक बड़ा हिस्सा शुरू में इंटरनल ओम्बड्समैन के पास भेजा ही नहीं गया था। उन्होंने कहा, यह काफी गंभीर चिंता का विषय है क्योंकि इससे इंटरनल ओम्बड्समैन फ्रेमवर्क का पूरा मकसद ही खत्म हो जाता है। एकीकृत लोकपाल योजना जुलाई 2026 से लागू है।