'आश्वासन नहीं, नौकरी का ठोस फैसला चाहिए'

नवभारतटाइम्स.कॉम•
no assurances need concrete decision on jobs 108 102 ambulance employees roar at deputy cms residence
n NBT न्यूज, लखनऊ : नौकरी बहाली और लंबित मांगों को लेकर 108 व 102 एंबुलेंस सेवा से हटाए गए कर्मचारियों ने शनिवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास के बाहर जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। प्रदेशभर से जुटे कर्मचारियों को पुलिस ने मौके से हटाकर बसों के जरिए जबरन इको गार्डन भेज दिया।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शुक्रवार को गांधी प्रतिमा पर आंदोलन के दौरान शनिवार को डिप्टी सीएम से वार्ता का भरोसा मिला था। इसी उम्मीद में वे आवास पहुंचे थे, लेकिन मुलाकात कराने के बजाय पुलिस ने खदेड़ दिया। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। प्रदर्शनकारी सलील अवस्थी ने कहा कि 75 जिलों से आए कर्मियों को खोखले आश्वासन नहीं, रोजगार पर ठोस फैसला चाहिए। शरद, हनुमान पांडेय, नीतीश यादव और पवन सहित अन्य कर्मचारियों ने रोष जताते हुए कोरोना काल में मिले मेडल और प्रमाणपत्र सरकार को लौटाने का ऐलान किया।
कर्मचारियों के मुताबिक, 2012 में उनकी नियुक्ति हुई थी। 2021 में जीवीके-ईएमआरआई के जरिए करीब नौ हजार कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। उनका दावा है कि पांच साल में वे डिप्टी सीएम से 50 से ज्यादा बार मिल चुके हैं, पर सिर्फ आश्वासन मिला।