Introduction To Patience The Story Of Ciceros Courage And Truth
धैर्य का परिचय
नवभारतटाइम्स.कॉम•
रोम में ईसा पूर्व 106 में Marcus Tullius Cicero एक महान दार्शनिक हुए। साधारण परिवार से आने के बावजूद वह अपनी असाधारण वाक्पटुता और कानून की समझ के बल पर रोम की राजनीति में ऊंचे स्थान तक पहुंचे। उसी समय महत्वाकांक्षी राजनेता लुसियस सर्जियस कैटिलाइन ने सत्ता के खिलाफ षड्यंत्र रचा। सिसरो को इसकी जानकारी मिल गई। एक दिन कैटिलाइन स्वयं सेनेट में आकर बैठ गया। सिसरो ने निर्भीकता से अपना भाषण शुरू किया, ‘आखिर कब तक, कैटिलाइन, तुम हमारे धैर्य का दुरुपयोग करते रहोगे?’ यह केवल भाषण नहीं, बल्कि सत्ता के सामने सत्य कहने का साहस था। सिसरो के विरोध के बाद कैटिलाइन रोम छोड़कर चला गया और उसके षड्यंत्र का पर्दाफाश होने लगा। उसके कई साथियों को गिरफ्तार कर मृत्युदंड दिया गया। इस फैसले को लेकर सिसरो को बाद में राजनीतिक विरोध और निर्वासन का सामना करना पड़ा। उनका जीवन संदेश देता है कि सत्य और कर्तव्य के बीच चुनाव ही चरित्र की असली परीक्षा है। दर्शन, राजनीति और भाषण देने की कला पर उनकी रचनाओं ने उन्हें इतिहास में अमर स्थान दिया।