Nana Patekar Indian Cinemas Natsamrat And A Sensitive Human Whose Legacy Will Always Be Remembered
 हमेशा याद रहेंगे नाना पाटेकर
नवभारतटाइम्स.कॉम•
भारतीय सिनेमा के सशक्त अभिनेता नाना पाटेकर ने अपने लंबे फिल्मी सफर में अभिनय की ऐसी छाप छोड़ी, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में उनके दमदार अभिनय ने दर्शकों का दिल जीता। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों और पद्मश्री सम्मान से अलंकृत नाना केवल अभिनेता ही नहीं, बल्कि संवेदनशील इंसान भी थे। किसानों और ग्रामीण समाज के लिए उनके कार्य विशेष रूप से उल्लेखनीय रहे। सादगी, स्पष्टवादिता और समाज के प्रति समर्पण ने उन्हें अलग पहचान दी। उनके निभाए किरदार, संवाद और जीवन-दृष्टि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। भारतीय सिनेमा में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
सुभाष बुड़ावन वाला, ईमेल से जनविश्वास की डाक सेवा
डाक विभाग द्वारा राष्ट्रीय डाक सप्ताह 15 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। इसकी शुरुआत 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस से हुई। डाक सेवा विश्वास और समर्पण का प्रतीक है। भारत के सामाजिक जीवन में डाक सेवा का बड़ा महत्त्व है। खासकर ग्रामीण भारत में डाकिया लंबे समय तक सरकारी व्यवस्था और आम नागरिक के बीच एक महत्त्वपूर्ण कड़ी रहा है। वर्षों की मेहनत और जनसेवा के बल पर भारतीय डाक सेवा दुनिया की सबसे बड़ी डाक प्रणालियों में शामिल है। शहरों से लेकर दूर-दराज के गांवों तक, हर मौसम और परिस्थिति में लोगों तक संदेश, दस्तावेज और आवश्यक सेवाएं पहुंचाना इसकी पहचान रही है। यही कारण है कि डाक विभाग आज भी आम जनता का भरोसा बनाए हुए है। बदलते समय के साथ विभाग ने डिजिटल सेवाओं को भी अपनाया है। ‘डाक सेवा ऐप’ और ‘डाक मित्र ऐप’ जैसी पहलें सेवाओं को अधिक सुलभ बना रही हैं।