‘मंत्री के PRO के प्रभाव में आए बिना हटाएं कब्ज़े’

नवभारतटाइम्स.कॉम•
remove encroachments without being influenced by ministers pro strict order from allahabad high court
n NBT न्यूज, लखनऊ: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने तेलीबाग स्थित राम भरोसे मैकू लाल इंटर कॉलेज की जमीन पर अवैध कब्जों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने डीएम, लखनऊ को कॉलेज की जमीन से सभी अनधिकृत कब्जे हटाने का आदेश दिया है। साथ ही स्पष्ट किया कि संस्थान के पूर्व प्रधानाचार्य और वर्तमान में वित्त मंत्री के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) सुखपाल सिंह के पद का जिलाधिकारी के कर्तव्यों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।

न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने कॉलेज की प्रबंध समिति की याचिका पर सुनवाई करते हुए तीन महीने में आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने और व्यक्तिगत हस्ताक्षर से रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने चेतावनी दी कि कब्जा हटाने की कार्रवाई में सुखपाल सिंह की ओर से किसी भी तरह का हस्तक्षेप गंभीरता से लिया जाएगा। आदेश की प्रति वित्त मंत्री को भी भेजने को कहा गया है।
राज्य सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, कॉलेज की मान्यता के समय गाटा संख्या 41 और 44 की जमीन संस्थान की संपत्ति के रूप में दर्ज थी। इसमें विद्यालय भवन, कार्यालय, प्रधानाचार्य कार्यालय और खाली जमीन शामिल थी। कोर्ट ने माना कि इस जमीन पर कई लोगों के अनधिकृत कब्जे हैं।

याचिका में आरोप लगाया गया कि 1988 से 31 जनवरी 2017 तक प्रधानाचार्य रहे सुखपाल सिंह से मकान किराया भत्ते की वसूली की जाए और सेवानिवृत्ति के बाद प्रधानाचार्य आवास पर बने कब्जे का वर्तमान दर से किराया लिया जाए। सुखपाल सिंह ने संपत्ति पर अपने दादा के कब्जे और उत्तराधिकार का दावा किया, लेकिन समर्थन में दस्तावेज पेश नहीं कर सके।

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