LIC को IDBI बैंक में 15% पर लाना होगा हिस्सा

नवभारतटाइम्स.कॉम•
lics stake in idbi bank to be brought down to 15 fairfax to buy 6072 stake
nNBT रिपोर्ट, नई दिल्ली

केंद्र ने कनाडा की फेयरफैक्स फाइनैंशल होल्डिंग्स की सहयोगी कंपनी मेसर्स 10955230 कनाडा इंक को IDBI बैंक में 60.72% हिस्सा खरीदने की मंजूरी बुधवार को दी। इसके बाद IDBI में सरकार का 15% और LIC का 19% हिस्सा बचा रहेगा। हालांकि LIC को RBI के नियमों के तहत डील होने की तारीख से 2 साल के भीतर अपना हिस्सा 15% पर लाना होगा, जिससे वह LIC हाउसिंग फाइनैंस के रूप में हाउसिंग फाइनैंस बिजनेस जारी रख पाए।
इस डील में सरकार को करीब 26620 करोड़ रुपये और LIC को लगभग 26440 करोड़ रुपये मिलेंगे। फेयरफैक्स जो निवेश करेगी, उससे वह 5 साल तक बेच नहीं सकेगी। IDBI ब्रैंड भी 3 साल तक बनाए रखना होगा। RBI के नियमों के तहत किसी बैंक में प्रमोटर का हिस्सा 26% से ज्यादा नहीं हो सकता, लिहाजा खरीदार को 15 साल में चरणबद्ध ढंग से हिस्सा यहां तक लाना होगा। उसे माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के लिए ओपन ऑफर लाना होगा। फेयरफैक्स का केरल के CSB बैंक में भी 40% हिस्सा है। उसे या तो इसे IDBI में मिलाना होगा या CSB में पूरा हिस्सा बेचना होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि IDBI बैंक के कर्मचारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की गई है।

यह डील इस वित्त वर्ष के आखिर तक पूरी होने की संभावना है। तब सरकार IDBI बैंक के बोर्ड से हट जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि पहले भी प्रमोटर के रूप में LIC इसे संभाल रही थी और आगे नया प्रमोटर संभालेगा। सरकार ने IDBI बैंक की औसत शेयर कीमत और उसकी जमीन वगैरह के मूल्य के स्वतंत्र आकलन के बाद 75.99 रुपये प्रति शेयर का बेंचमार्क प्राइस तय किया था। बोली के आखिरी दौर में बचे दो दावेदारों में से फेयरफैक्स ने सबसे ज्यादा 81 रुपये प्रति शेयर ऑफर किए। गुरुवार को IDBI बैंक का शेयर 9.07% चढ़कर 90.44 रुपये पर बंद हुआ।

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