पजेशन में देरी पर एक्शन, बिल्डर अब ब्याज के साथ देगा हर्जाना

नवभारतटाइम्स.कॉम•
builder to pay compensation for possession delay buyers to get compensation with interest
n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव

सेक्टर-108 स्थित काव्यम रेजिडेंशल प्रॉजेक्ट (अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग) में फ्लैट का कब्जा देने में देरी करना बिल्डर एग्रांट रियलिटी लिमिटेड को भारी पड़ा है। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (HRERA), गुड़गांव ने बिल्डर को खरीदारों की जमा राशि पर 10.80 फीसदी सालाना ब्याज की दर से हर्जाना देने का आदेश दिया है। यह ब्याज 20 अगस्त 2023 से लेकर कब्जे की पेशकश के बाद दो महीने तक के लिए देना होगा। हरेरा चेयरमैन अरुण कुमार की पीठ ने मोहम्मद इमरान समेत 26 आवंटियों की शिकायतों पर सुनवाई के बाद 29 सितंबर को यह आदेश दिया।
शिकायतकर्ता मोहम्मद इमरान ने काव्यम प्रॉजेक्ट के टावर-डी में 488.30 वर्ग फीट का फ्लैट करीब 22.28 लाख रुपये में बुक कराया था। वह इसमें से 16.97 लाख रुपये बिल्डर को दे चुके थे। बिल्डर-बायर एग्रीमेंट और किफायती आवास नीति की शर्तों के अनुसार पर्यावरण मंजूरी मिलने के चार साल के भीतर फ्लैट का कब्जा देना था। यह टाइमलाइन 20 अगस्त 2023 को पूरी हो गई, लेकिन बिल्डर न तो ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट हासिल कर सका और न ही खरीदारों को फ्लैट का कब्जा दे पाया।

पजेशन में देरी के लिए बताई ये वजहें: सुनवाई के दौरान बिल्डर ने कोविड-19, ग्रैप की पाबंदियों और निर्माण सामग्री की कीमतें बढ़ने को देरी की वजह बताया। हालांकि हरेरा ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। अथॉरिटी ने बिल्डर को तय समय पर कब्जा नहीं देने के लिए खरीदारों को हर्जाना देने का निर्देश दिया।

मनमाना शुल्क नहीं वसूल सकेगा बिल्डर: हरेरा ने आदेश दिया कि बिल्डर को ऑर्डर जारी होने के 90 दिनों के भीतर बकाया ब्याज चुकाना होगा। साथ ही कब्जे की पेशकश से पहले का रखरखाव शुल्क और बिल्डर-बायर एग्रीमेंट में शामिल नहीं किए गए अतिरिक्त शुल्क खरीदारों से नहीं वसूले जा सकेंगे। OC मिलने और खरीदारों की ओर से बकाया राशि चुकाने के बाद बिल्डर को 90 दिनों के भीतर सेल डीड या कन्वेयंस डीड की रजिस्ट्री भी करानी होगी। इससे खरीदारों को फ्लैट का कानूनी मालिकाना हक मिलने की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी।