Calling Gen Zs Roasting Rudeness Is Wrong Debate On New Language Of Protest
बदतमीज़ी कहना ग़लत
नवभारतटाइम्स.कॉम•
15 अक्टूबर का मुख्य लेख 'रोस्टिंग से निकली एक भाषा' पढ़ा। जंतर-मंतर पर युवाओं के प्रदर्शनों ने विरोध की भाषा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। Gen Z की रोस्टिंग, मीम्स और बेबाक भाषा को केवल बदतमीजी कहकर खारिज करना उचित नहीं होगा। यह सोशल मीडिया और डिजिटल संस्कृति में पली-बढ़ी पीढ़ी की अभिव्यक्ति का तरीका है। हालांकि, लोकतंत्र में असहमति जताने की आजादी के साथ दूसरों की गरिमा का सम्मान भी जरूरी है। व्यंग्य सत्ता से सवाल पूछने का प्रभावी माध्यम है, लेकिन अपमान और आलोचना के बीच फर्क समझना होगा। विरोध की भाषा ऐसी हो, जो सवाल उठाए और संवाद के रास्ते भी खुले रखे।