टाटा ट्रस्ट्स की 40-50 गैर-लाभकारी अस्पताल की योजना

नवभारतटाइम्स.कॉम•
टाटा ट्रस्ट्स की 40-50 गैर-लाभकारी अस्पताल की योजना
n पीटीआई, नई दिल्ली: भारत के सबसे बड़े परोपकारी समूह, टाटा ट्रस्ट्स ने मार्च 2026 को समाप्त वर्ष में 1,556.31 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। ट्रस्ट्स की 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में चेयरमैन नोएल टाटा ने बताया कि अब वे 40 से 50 गैर-लाभकारी (not-for-profit) जनरल अस्पतालों का एक नेटवर्क बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

टाटा ने कहा कि जो मरीज इलाज का खर्च उठा सकते हैं, वे उन लोगों के इलाज के लिए फंड जुटाने में मदद करेंगे जो खर्च नहीं उठा सकते। रिपोर्ट में इन अस्पतालों के लिए निवेश की राशि, जगह या समय-सीमा के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। अपने संदेश में टाटा ने कहा कि ट्रस्ट्स ऐसी संस्थाएं और मॉडल बनाना चाहते हैं जो "स्थायी सार्वजनिक संपत्ति" बनें, और उनके काम के नतीजों से आए बदलावों के आधार पर ही उनका मूल्यांकन किया जाए। उन्होंने लिखा कि परोपकार को केवल इस आधार पर मापना कि कितने लोगों तक मदद पहुंची या कितना पैसा खर्च हुआ, अब काफी नहीं है। संस्थागत अनुदान और सीधे प्रोजेक्ट पर खर्च की गई राशि 1,353.32 करोड़ रुपये रही, जबकि व्यक्तिगत अनुदान 202.99 करोड़ रुपये रहे।
इसमें सबसे बड़ा हिस्सा ग्रामीण उत्थान (457.62 करोड़ रुपये) का रहा। इसके बाद शिक्षा (270.26 करोड़ रुपये), कैंसर देखभाल (178.46 करोड़ रुपये), संस्थाएं (169.31 करोड़ रुपये) और स्वास्थ्य सेवा (105.97 करोड़ रुपये) का स्थान रहा। पानी और स्वच्छता के लिए 59.04 करोड़ रुपये और पोषण के लिए 57.64 करोड़ रुपये दिए गए। व्यक्तिगत अनुदान मुख्य रूप से चिकित्सा (143.30 करोड़ रुपये) और शिक्षा (59.38 करोड़ रुपये) के लिए थे।