बचका तल दीजिए

नवभारतटाइम्स.कॉम•
bachka a delicious dish from bihar jharkhand and a unique journey of words
‘बचका’ बिहार और झारखंड में एक खास पकवान के लिए प्रचलित शब्द है। इसमें साग-पत्तों या सब्जियों को बेसन के घोल में लपेटकर तला जाता है। इसे कहीं-कहीं ‘बजका’ भी कहते हैं। झारखंड के कुछ इलाकों में नाश्ते वाली दुकानों पर सुनाई पड़ता है- मेरे लिए बचका तल दो। जायसी के शब्दकोशीय संदर्भ में ‘खंडरा बचका’ का उल्लेख मिलता है। यह एक प्रकार का मुहावरा है। यहां बचका का व्यंजन वाला अर्थ बिलकुल गायब हो जाता है और नया अर्थ आता है। खंडरा-बचका विशेषकर हिंदी बेल्ट के आंचलिक क्षेत्रों से जुड़ा शब्द है। इसका अर्थ है बचा-खुचा अनाज, टूटा-फूटा या किसी वस्तु का बचा हुआ अंश। इसी अन्न के टुकड़े के लिए कहीं-कहीं खुद्दी, तो कहीं-कहीं कनका इस्तेमाल होता है। टुकड़ा बासमती कहने से अर्थ स्पष्ट हो जाता है। बुंदेली और हिंदी के कुछ शब्दकोशों में ‘बचका’ का अर्थ किराये की सामग्री भी है। इससे मिलता-जुलता शब्द ‘बकुचा’ है, जिसका मतलब छोटी गठरी या पोटली होता है।

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