मानसा हत्याकांड: इंसाफ कमेटी ने पंजाब सरकार के सामने उठाई 14 मांगें, मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग
मानसा हत्याकांड: इंसाफ कमेटी ने पंजाब सरकार के सामने उठाई 14 मांगें, मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग
NewsPoint•
पंजाब के मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला अब तूल पकड़ चुका है। 19 अक्टूबर को इंसाफ कमेटी ने पंजाब सरकार से 14 सूत्रीय मांग पत्र प्रस्तुत किया है। इस पत्र में कमेटी ने बताया कि केवल इन मांगों पर सहमति बनने के बाद लोगों के साथ आगे की बातचीत की जाएगी।
कमेटी की सबसे बड़ी मांग है कि मुख्यमंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें और पंजाब के डीजीपी भी अपने पद से हटें। उनकी दृष्टि में राज्य में नशा तस्करों, पुलिस और राजनीतिक लोगों का एक गठजोड़ सक्रिय है, जो इस हत्या का मुख्य कारण बना। कमेटी ने यह भी कहा है कि परविंदर सिंह झोटा का पोस्टमार्टम पीजीआई चंडीगढ़ में वरिष्ठ डॉक्टरों की एक टीम से कराना चाहिए, जिसमें परिवार की सहमति हो। इसके साथ ही वे चाहते हैं कि हत्या और इसके पीछे की घटनाओं की जांच सीबीआई द्वारा की जाए।
इसके अलावा, कमेटी ने नशा कारोबारियों और इससे जुड़े लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वे चाहते हैं कि हत्या करने वाले दुकानदार के साथ जुड़े पूरे नशा रैकेट की जांच की जाए। जांच के बाद उन लोगों को कड़ी सजा दी जाए। इसके साथ ही संबंधित फैक्ट्रियों के लाइसेंस रद्द कर बंद किया जाए।
कमेटी की एक और मांग थी कि जिस दुकान में परविंदर सिंह को गोली मारी गई, वहां उनका स्मारक बने। इसके अलावा ख्याला कलां में एक ट्रॉमा सेंटर उनके नाम से स्थापित किया जाए। इसमें उन्होंने प्रशासन से मानसा के एसएचओ, डीएसपी और ड्रग इंस्पेक्टर को तुरंत बर्खास्त करने का भी अनुरोध किया है।
कमेटी ने यह भी मांग की है कि आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए कड़ी सजा दी जाए। जख्मी लोगों के इलाज के लिए उच्चस्तरीय स्वास्थ्य संस्थान में सरकारी खर्च पर इलाज की व्यवस्था होनी चाहिए। सभी घायलों को तुरंत 20-20 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए।
इसके साथ ही, नशे के खिलाफ सख्त कानून बनाने की भी मांग की गई है। 75 मिलीग्राम से अधिक प्रेगाबालिन वाले कैप्सूलों को एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत लाने की आवश्यकता बताई गई।
अंत में, कमेटी ने कहा कि पूरे पंजाब में इस संघर्ष से संबंधित फ्लेक्स फाड़ने से जुड़े मामलों को तुरंत रद्द किया जाए। लुधियाना के युवक जशनदीप की मौत के मामले में उसके परिवार को 20 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा, परविंदर सिंह झोटा के पिता और एंटी-ड्रग फोर्स के कार्यकर्ताओं पर दर्ज कथित झूठे मामले भी रद्द हों।
ये सभी मांगें पंजाब में नशे और कानून व्यवस्था को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाती हैं। ऐसे में देखना होगा कि सरकार इन मांगों पर कितनी गंभीरता से ध्यान देती है।