Delhis Street Names Dedicated To These Great Teachers And Athletes
इन शिक्षकों के नाम से मिलती है मंज़िल
नवभारतटाइम्स.कॉम•
सुधीर बोस मार्ग को दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस के हर छात्र-अध्यापक अच्छी तरह जानते हैं। यह सड़क सेंट स्टीफंस और हिंदू कॉलेज के बीच से गुजरती है। सुधीर के. बोस बहुमुखी प्रतिभा के धनी अध्यापक थे। वह 1937 से 1963 तक सेंट स्टीफंस कॉलेज में दर्शन शास्त्र पढ़ाते रहे। वह दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) से भी लंबे समय तक जुड़े रहे। उन्होंने कॉलेज की फिलोसोफिकल सोसायटी भी बनाई। उनका निधन 1985 में हुआ और 1986 में पुरानी इम्पीरियल एवेन्यू सड़क का नाम सुधीर बोस मार्ग रख दिया गया।
गालिब वाले नारंग । सुधीर बोस मार्ग के पास, मिरांडा हाउस के नजदीक जी.सी. नारंग मार्ग है। यह प्रफेसर गोपी चंद नारंग के नाम पर है। वह दिल्ली विश्वविद्यालय के जाने-माने उर्दू चिंतक, आलोचक और लेखक थे। बलूचिस्तान के दुक्की में उनका जन्म हुआ। बंटवारे के बाद दिल्ली आए। 1957-58 में पढ़ाना शुरू किया, फिर विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग में चले गए। उनकी पहली बड़ी किताब दिल्ली-6 के कारीगरों की बोली का अध्ययन थी। गालिब, अमीर खुसरो, इकबाल, फैज, मंटो और राजिंदर सिंह बेदी पर भी उन्होंने खूब लिखा।गुरु अखाड़े के । इसी उत्तर दिल्ली में, डीयू के पास गुरु हनुमान का अखाड़ा है। उन्होंने सैकड़ों पहलवानों को गुर सिखाए। वह 1919 में दिल्ली आए और शक्ति नगर में व्यायामशाला बनाई। उनके नाम पर घंटाघर के पास, बिड़ला मिल के आगे एक सड़क है- द्रोणाचार्य गुरु हनुमान मार्ग। 1999 में उनकी मृत्यु के बाद सड़क का नामकरण हुआ था। गुरु हनुमान गजब के किस्सागो थे। वह बताते थे कि गामा पहलवान जब भी दिल्ली आते, उनके अखाड़े में भी आते। दिल्ली में गामा आमतौर पर तभी आते थे, जब जामा मस्जिद के पास दंगलों के लिए इतिहादी दंगल कमिटी उन्हें आमंत्रित करती। इनमें देश भर के मशहूर पहलवान भाग लेते रहे हैं।
मास्टरजी की पहलवानी । दिल्ली वालों को पता है कि सिविल लाइंस में मास्टर चंदगी राम अखाड़ा। हिसार में जन्मे चंदगी राम स्कूल शिक्षक रहे, इसलिए मास्टर कहलाए। 21 साल की उम्र के बाद कुश्ती शुरू की। हिंद केसरी, भारत केसरी, रुस्तम-ए-हिंद जीते। 1970 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किया। 1975 में दिल्ली में व्यायामशाला खोली। रिंग रोड का चंदगी राम टी-पॉइंट आज भी उनके नाम से चलता है। उन्होंने बहुत से पहलवान तराशे।