डायवर्जन की मार...व्यापारी लाचार

नवभारतटाइम्स.कॉम
डायवर्जन की मार...व्यापारी लाचार
n NBT न्यूज, चिनहट

कमता चौराहे पर जाम से निजात दिलाने के लिए लागू ट्रैफिक डायवर्जन अयोध्या रोड पर तो आंशिक राहत दे रहा है, लेकिन इसका खामियाजा कमता तिराहे के आसपास की अंदरूनी सड़कों और गलियों को भुगतना पड़ रहा है। ट्रैफिक के दबाव में कॉलोनियों के रास्ते चोक हो गए हैं और इसका सीधा असर स्थानीय व्यापार पर पड़ा है। व्यापारियों का कहना है कि डायवर्जन के बाद ग्राहकों की आवाजाही सिमट गई है।
रूट लंबा होने से बढ़ा डीजल का खर्च: अप्रैल से लागू नई व्यवस्था के तहत अवध बस डिपो की बसें अब सीधे अयोध्या रोड नहीं जा रहीं। इन्हें शहीद पथ सर्विस लेन, विशेषखंड मुख्य मार्ग और कठौता चौराहे से होते हुए चिनहट तिराहे के पास अयोध्या रोड पर लाया जा रहा है। इससे अयोध्या रोड पर बसों का दबाव तो कुछ घटा, पर वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों का लोड बढ़ गया। कमता तिराहे के 200 मीटर के दायरे में आने वाली गलियां दिनभर रेंगती रहती हैं। अनियंत्रित ई-रिक्शा, ऑटो और अर्टिगा की अवैध पार्किंग व सवारी भरने की होड़ ने कोढ़ में खाज का काम किया है।

हाई कोर्ट की सख्ती, 10 को सुनवाई : यह स्थिति तब है जब इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ शहर के बदहाल ट्रैफिक पर कड़ा रुख अख्तियार किए हुए है। कोर्ट ने ट्रैफिक पुलिस के अलग कैडर गठन और ई-रिक्शा के बेतहाशा रजिस्ट्रेशन पर राज्य सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है। हाल में डीसीपी (ट्रैफिक) की ओर से पॉलिटेक्निक से कमता के बीच चिह्नित 153 ट्रैफिक पॉइंट्स में सुधार को लेकर नगर निगम ने रिपोर्ट सौंपी थी। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर 2026 को होगी।