नई दिल्ली : इस साल की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में दुनियाभर में सबसे ज्यादा रोजगार के मौके बनने की संभावना भारत में दिख रही है। 42 देशों में 39 हजार से ज्यादा कंपनियों से उनके हायरिंग प्लान के बारे में जुलाई में ली गई राय से यह बात सामने आई। मैनपावरग्रुप के एंप्लॉयमेंट आउटलुक सर्वे के मुताबिक, दिसंबर तिमाही में भारत में नेट एंप्लॉयमेंट आउटलुक (NEO) 54% के साथ सबसे अधिक रहा, जबकि वैश्विक स्तर पर औसत 29% रहा।
सर्वे के मुताबिक, चीन में NEO चीन में 34%, वियतनाम में 36%, स्वीडन में 39%, इस्राइल में 34%, UAE में 41% और ब्राजील में 53% रहा। भारत में 3055 कंपनियों के बीच किए गए सर्वे में NEO जुलाई-सितंबर तिमाही से 6 पर्सेंटेज पॉइंट्स और पिछले साल की दिसंबर तिमाही के मुकाबले 11 पर्सेंटेज पॉइंट्स ज्यादा रहा।मैनपावरग्रुप इंडिया एंड मिडल ईस्ट के एमडी संदीप गुलाटी ने कहा, 'नियोक्ता केवल कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ा रहे हैं, बल्कि अपने वर्कफोर्स के स्वरूप पर भी नए सिरे से गौर कर रहे हैं। लगभग 70% नियोक्ता बदलती भूमिकाओं और कौशल की जरूरतों के अनुरूप भर्ती कर रहे हैं। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के विस्तार के साथ फाइनेंस, इंश्योरेंस और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में मजबूत वृद्धि से प्रतिभाशाली कर्मचारियों की मांग बनी हुई है।'
एडेको इंडिया के डायरेक्टर दीपेश गुप्ता ने कहा, 'हायरिंग 25-30% सालाना की दर से बढ़ने की उम्मीद है। अगले दशक में इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री, मैटीरियल साइंस और बैटरी प्रोसेस इंजीनियरिंग में विशेषज्ञ लोगों की मांग बढ़ेगी। बैटरी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता अभी करीब 60 गीगावाट है, जिसके इस साल अंत तक 100 गीगावाट होने की उम्मीद है। गुजरात, कर्नाटक, हरियाणा और तेलंगाना में गीगाफैक्टरी इनवेस्टमेंट्स हो रहे हैं।'