आत्मनियंत्रण की कला

नवभारतटाइम्स.कॉम
the art of self control learn to overcome ego from gautam buddha
एक अत्यंत जिज्ञासु लड़का था। जहां भी कुछ नया सीखने का मौका मिलता, वह तुरंत जुट जाता। धीरे-धीरे वह तीर बनाने, नाव बनाने, बांसुरी बनाने और यहां तक कि मकान बनाने में भी पारंगत हो गया। उसने कई कलाओं में महारत हासिल कर ली। इतना हुनरमंद होने के बाद उसके भीतर घमंड भी आ गया। वह अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से कहने लगा कि इस दुनिया में मुझसे ज्यादा प्रतिभाशाली कोई नहीं। कुछ दिनों बाद उस शहर में गौतम बुद्ध आए। उन्हें जब लड़के के हुनर और उसके अहंकार के बारे में पता चला, तो वह उससे मिलने पहुंचे। लड़के ने पूछा, ‘आप कौन हैं?’ बुद्ध ने कहा, ‘मैं अपने शरीर और मन पर नियंत्रण रखने वाला एक साधारण व्यक्ति हूं।’ लड़का कुछ समझा नहीं। बुद्ध ने कहा, ‘तीर चलाने वाला तीर चलाता है, नाव चलाने वाला नाव और मकान बनाने वाला मकान बनाता है। लेकिन, सबसे बड़ा ज्ञानी वह है, जो खुद पर शासन करना जानता है। सच्चा आत्मनियंत्रण वही है, जब तारीफ सुनकर इंसान घमंड में न आए और आलोचना होने पर भी संतुलन न खोए।’ बुद्ध की बातों ने लड़के का अहंकार दूर कर दिया। वह उनके चरणों में झुक गया।