कहां रहेंगे हज़ारों लोग?

नवभारतटाइम्स.कॉम
thousands homeless in gurgaon illegal pgs sealed where will tenants stay now
n NBT न्यूज, गुड़गांव

साइबर सिटी में अवैध रूप से संचालित PG को चिन्हित कर उन पर ताला लगाया जा रहा है। सुशांत लोक, डीएलएफ और साउथ सिटी जैसे इलाकों में अभियान चलाकर शेयरिंग PG बंद किए जा रहे हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के पीछे PG में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को प्रमुख वजह बताया जा रहा है। वहीं, इस कार्रवाई के बीच बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि इन PG में रहने वाले हजारों लोग अब कहां रहेंगे? नौकरी या पढ़ाई के चलते दूसरे शहरों से गुड़गांव आने वाले युवाओं के लिए PG लंबे समय से सबसे किफायती विकल्प रहा है। PG बंद होने के चलते अब इन लोगों को रहने का खर्च अचानक बढ़ता दिख रहा है।
12-20 हज़ार का PG, अब 25-40 हजार का 1RK

रेंटल मार्केट से जुड़े लोगों के मुताबिक, जिन इलाकों में शेयरिंग PG करीब 12 से 20 हजार रुपये महीने में मिल जाता था, वहां अब वैकल्पिक कमरे तलाशना आसान नहीं है। पीजी मिल नहीं रहा और यदि कोई व्यक्ति 1RK लेता है तो उसे 25 से 40 हजार रुपये तक किराया देना पड़ रहा है। यानी अकेले रहने वाले व्यक्ति के लिए किराये का खर्च काफी बढ़ गया है। इसका सबसे ज्यादा असर नौकरी के शुरुआती दौर में कम आय पर काम करने वाले युवाओं पर पड़ेगा।

30-35 हज़ार का 2BHK अब 40-45 हज़ार में

PG के विकल्प के तौर पर फ्लैट लेने वालों के लिए भी राहत नहीं है। जिन इलाकों में पहले फुली फर्निश्ड 2BHK करीब 30 से 35 हजार रुपये में मिल जाता था, वहां अब इसका किराया 40 से 45 हजार रुपये तक पहुंच गया है। फ्लैट शेयरिंग करने पर भी एडवांस, सिक्यॉरिटी और अन्य खर्च का अतिरिक्त बोझ पड़ता है।

ब्रोकर बोले- PG कहीं पर भी उपलब्ध नहीं

PG तलाशने वालों की परेशानी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि डीएलएफ, सुशांत लोक और साउथ सिटी में ब्रोकरों से PG के बारे में पूछने पर वे भी हाथ खड़े कर रहे हैं। कार्रवाई के बाद इन इलाकों में PG उपलब्ध कराने को लेकर मालिक और ब्रोकर दोनों सतर्क हैं। ऐसे में लोगों के सामने विकल्प लगातार कम होते जा रहे हैं।

दिल्ली में नौकरी, गुड़गांव में घर का संकट बड़ा

इन इलाकों में सिर्फ गुड़गांव में काम करने वाले युवा ही नहीं, बल्कि दिल्ली में नौकरी करने वाले और आसपास के शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले लोग भी किराये पर रहते हैं। ऑफिस और कॉलेज के नजदीक रहने के लिए PG उनके लिए सस्ता और सुविधाजनक विकल्प था। अब PG बंद होने के बाद उन्हें या तो महंगा 1RK/फ्लैट लेना होगा या फिर शहर से दूर सस्ता कमरा तलाशना पड़ेगा। इससे रोजाना यात्रा का समय और खर्च दोनों बढ़ेंगे।