फेस्टिव सीज़न में इस बार ‘फटाफट शॉपिंग’ पर भी रहेगा ज़ोर

Contributed byनई दिल्ली,khalid.amin|नवभारतटाइम्स.कॉम
फेस्टिव सीज़न में इस बार ‘फटाफट शॉपिंग’ पर भी रहेगा ज़ोर
नई दिल्ली: फेस्टिव सीजन में लोग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगह जमकर खरीदारी करते हैं और दोनों के बीच एक तरह का मुकाबला भी रहता है। लेकिन इस बार ऑनलाइन शॉपिंग में ‘ फटाफट शॉपिंग ’ यानी क्विक कॉमर्स का भी जलवा रहने वाला है। अब क्विक कॉमर्स सिर्फ दूध, ब्रेड और रोजमर्रा के सामान तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि मिक्सी, पंखे और दूसरे होम प्रोडक्ट्स जैसे सामान भी कुछ ही मिनट में घर पहुंचाने की तैयारी है।

एमजॉन के कंट्री मैनेजर समीर कुमार ने एनबीटी से खास बातचीत में बताया कि एमजॉन का क्विक कॉमर्स बिजनेस अब तक का सबसे तेजी से बढ़ने वाला बिजनेस है और इसके ऑर्डर हर तिमाही करीब दोगुने हो रहे हैं। कंपनी का कहना है कि इस फेस्टिव सीजन में क्विक कॉमर्स को और तेजी से विस्तार दिया जाएगा।
छोटे शहरों से भी मिलेगा बिजनेस

इस बार मेट्रो शहरों के अलावा छोटे शहरों से भी अच्छा बिजनेस आने की उम्मीद है। एमजॉन ने करीब 750 माइक्रो-फुलफिलमेंट सेंटर पहले ही सात शहरों में शुरू कर दिए हैं। पिछले 10 हफ्तों में इसके क्विक कॉमर्स नेटवर्क वाले शहरों की संख्या चार गुना बढ़ी है। कंपनी का लक्ष्य दिवाली से पहले 100 शहरों तक पहुंचने और इस साल के अंत तक 1,000 माइक्रो-फुलफिलमेंट सेंटर करने का है।

क्विक कॉमर्स में महंगे

प्रोडक्ट भी डिमांड में

क्विक कॉमर्स के बढ़ते दायरे का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कंपनियां अब रोजमर्रा की जरूरत के अलावा थोड़े ज्यादा कीमत वाले प्रोडक्ट्स की डिलीवरी पर भी जोर दे रही हैं। मसलन, अगर किसी घर में इंडक्शन कुकटॉप की जरूरत है या किसी को गिफ्ट करना है तो ऑनलाइन ऑर्डर करके अगले दिन तक इंतजार करने के बजाय कुछ ही मिनटों में क्विक कॉमर्स के जरिए मंगाया जा सकता है। हालांकि समीर का कहना है कि हर महंगे प्रोडक्ट के लिए क्विक कॉमर्स अभी विकल्प नहीं बनेगा। वॉशिंग मशीन फ्रिज, एसी जैसी बड़ी खरीद के मामलों में पारंपरिक ई-कॉमर्स की भूमिका बनी रहेगी।

दोनों चैनल साथ-साथ बढ़ेंगे

फेस्टिव सीजन में क्विक कॉमर्स पारंपरिक ई-कॉमर्स को रिप्लेस करने के बजाय उसके साथ-साथ बढ़ता नजर आएगा। कपड़े, फर्नीचर, टीवी और दूसरे हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स की खरीदारी के लिए ग्राहक अभी भी पारंपरिक ऑनलाइन प्लैटफॉर्म का ज्यादा इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं रोजमर्रा की जरूरत, अचानक पड़ने वाली जरूरत और आखिरी वक्त की खरीदारी में क्विक कॉमर्स को फायदा मिलेगा।

ऑफर्स की भी रहेगी भरमार!

फेस्टिव सीजन में बेहतर ऑफर भी दोनों चैनलों के बीच मुकाबले को तेज करेंगे। समीर के मुताबिक, पिछले फेस्टिव सीजन में एमजॉन ने बैंक ऑफर्स और डिस्काउंट के जरिए 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के फायदे दिए गए थे और इस साल इससे बड़ा ऑफर देने की तैयारी है। कंपनी का मानना है कि इस बार कपड़े, होम फर्निशिंग, जूलरी, किचन और इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कई कैटेगरी में खरीदारी बढ़ेगी। आखिर में जिस प्रोडक्ट पर बेहतर डील मिलेगी, ग्राहक उसी की तरफ जाएगा।

इस लिहाज से इस फेस्टिव सीजन की खास बात यह होगी कि ऑनलाइन शॉपिंग में मुकाबला सिर्फ ऑफलाइन बाजार और ई-कॉमर्स के बीच नहीं रहेगा। ई-कॉमर्स के भीतर भी ‘आज-कल में डिलिवरी’ और ‘कुछ मिनट में डिलिवरी’ के बीच मुकाबला तेज होता दिखेगा। अमेजन ही नहीं, बल्कि ब्लिंकिट, जेप्टो और स्विगी इंस्टामार्ट जैसे प्लैटफॉर्म्स भी इस फेस्टिव सीजन में एप्लायंसेज और इलेक्ट्रॉनिक्स कैटेगरी में बड़ा दांव लगा रहे हैं।