Esther Is No Longer Alone A Unique Example Of Human Relationships
एस्थर अब अकेली नहीं हैं
Contributed by: क्षमा शर्मा|नवभारतटाइम्स.कॉम•
बच्चों के पास अक्सर स्विट्जरलैंड जाती हूं। बहुत साल पहले वे एक ऐसी जगह रहते थे, जिस परिसर में 150 अलग-अलग कम्युनिटीज थीं। कैंपस किसी शहर जैसा था - अपना बाजार, अपना अस्पताल, पार्क, स्कूल, सब कुछ वहीं। घर के सामने एक बुजुर्ग महिला रहती थीं, इटली की। वह अच्छी अंग्रेजी जानती थीं, इसलिए उनसे बातचीत होती।
एक बार जब गई, तो पता चला कि वह बीमार हैं। मन में सवाल आया कि उनकी देखभाल कौन करता होगा? उनके एक बेटे की कुछ साल पहले मौत हो गई थी। खैर, बड़े संकोच से उनसे मिलने गई। वह बिस्तर पर बैठी हुई थीं। बातचीत शुरू हुई, तो उन्होंने बताया कि वह क्रोनिक अस्थमा की पेशेंट हैं। जब भी मौसम बदलता है, बीमार पड़ जाती हैं। इस बार बुखार भी आ गया। कहीं आना-जाना और सामान खरीदना तक मुश्किल हो गया। वहां अपने देश की तरह घर-घर सामान पहुंचाने का डिलीवरी सिस्टम भी नहीं है। तभी एक लड़की अंदर आई। वह डिपार्टमेंटल स्टोर से सामान लेकर आई थी।उसके जाने के बाद वह बुजुर्ग महिला बताने लगीं- 'इस लड़की के माता-पिता अलग हो गए थे। उन दोनों ने दूसरी शादी कर ली और इसे हॉस्टल में भेज दिया। तब मैं टेलिफोन एक्सचेंज में थी। एक बार इसका रॉन्ग नंबर लग गया। मैं इससे बात करने लगी। फिर यह मुझसे मिलने आई, बहुत परेशान थी। मैंने इसे समझाया और कहा कि वह पहले पढ़ाई पूरी करे, फिर नौकरी। उसकी जो भी जरूरत होगी, मैं पूरी करूंगी।'
बुजुर्ग ने आगे बताया- इसके बाद उनसे मिलने लड़की अक्सर आती। वह भी उसके हॉस्टल जातीं। उनके बीच बॉन्डिंग बन गई। अब वह एक मॉल में काम करती है और उसका एक बॉयफ्रेंड भी है। जब बुजुर्ग महिला की तबीयत खराब हुई, तो वह छुट्टी लेकर चली आई। जब तक बात खत्म हुई, वह लड़की फिर लौट आई। उसने मुझे मुस्कुरा कर देखा। फिर महिला से पूछा, 'एस्थर, तुम्हारे लिए सैंडविच बना दूं?' बुजुर्ग ने जवाब दिया, 'तुम छोड़ दो, मैं बना लूंगी। अभी मेरे पास बैठकर कुछ आराम करो।' उन्होंने फ्रेंच में उस लड़की को बताया कि मैं सामने वाले घर में रहने वाले युवाओं की मां हूं। वहां से लौटते हुए मैं सोचने लगी कि वाकई इंसानी रिश्ते खून के मोहताज नहीं होते।