अनंत चतुर्दशी व्रत आज

नवभारतटाइम्स.कॉम•
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n NBT न्यूज, लखनऊ: अनंत चतुर्दशी का व्रत शुक्रवार को रखा जाएगा। भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी को भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा की जाती है। इस दिन केसर या हल्दी से रंगे 14 गांठों वाले धागे को अनंत सूत्र के रूप में बांह में बांधने की परंपरा है। इसकी 14 गांठें 14 लोकों का प्रतीक हैं और व्रत धन, संतान व सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है। उप्र संस्कृत संस्थान के पूर्व कर्मकांडी प्रशिक्षक पं. अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि मध्यान्ह काल में सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक पूजा का श्रेष्ठ समय है। महावीर पंचांग के अनुसार चतुर्दशी गुरुवार रात 11:18 बजे शुरू होकर शुक्रवार सुबह 11:06 बजे तक रहेगी।

ऐसे करें पूजन
धूप, दीप और नैवेद्य से भगवान अनंत की पूजा करें। इसके बाद वेद पाठ या विष्णु सहस्रनाम का पाठ किया जाता है। पूजा के बाद पीले रंग के 14 गांठ वाले अनंत सूत्र को भगवान का ध्यान करते हुए धारण करें। पुरुष इसे दाहिनी और महिलाएं बाईं भुजा में बांधती हैं। मान्यता है कि 14 वर्षों तक व्रत करने से सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।