DLF में अवैध निर्माण पर हाई कोर्ट ने साफ की स्थिति

नवभारतटाइम्स.कॉम•
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n NBT न्यूज, गुड़गांव : DLF फेज-1 से 5 में अवैध निर्माण और रिहायशी मकानों के कमर्शल इस्तेमाल के मामलों में DTCP की कार्रवाई को हाई कोर्ट ने स्थिति साफ कर दी है। गुरुवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि किसी लाइसेंस प्राप्त कॉलोनी के नगर निगम सीमा में आने से 1975 के हरियाणा अर्बन एरिया एक्ट के तहत DTCP का अधिकार खत्म नहीं हो जाता। यानी नगर निगम की सीमा में होने के बावजूद नियमों के उल्लंघन पर DTCP की ओर से कार्रवाई की जा सकती है। कोर्ट ने कहा कि लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों को भी इसी कानून के तहत मंजूरी मिलती है। ऐऐसे में अब इलाके में अब अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान और तेज हो सकता है।

आदेश को चुनौती देने के लिए दो हफ्ते, सुनवाई 13 को होगी : कोर्ट के आदेश का सीधा असर DLF फेज-1 से 5 में सामने आने वाले उन मामलों पर पड़ सकता है, जहां मकान में मंजूर प्लान से ज्यादा निर्माण किया गया है या रिहायशी संपत्ति का इस्तेमाल दुकान, ऑफिस, क्लिनिक या किसी अन्य व्यावसायिक काम के लिए किया जा रहा है। अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी। रेजिडेंट डीएलएफ फेज-2 और पंचायत से जुड़े संजीव साहनी ने बताया कि कोर्ट का जो भी फैसला होगा, हमें मान्य है। यहां भी पीजी पॉलिसी बनाई जाए। जानकारी के अनुसार, डीएलएफ फेज-1 से 5 तक 3,500 से अधिक संपत्तियों पर कार्रवाई होनी थी, जिन पर न्यायालय की रोक हट चुकी थी।