चुनाव आयोग की विश्वसनीयता

नवभारतटाइम्स.कॉम•
election commissions credibility questioned debate on transparency and impartiality
संपादकीय ‘पारदर्शिता जरूरी’ में चुनाव आयोग से जुड़े हालिया विवादों का उल्लेख किया गया है। पहले एसआईआर को लेकर उठे सवाल और अब मुख्य चुनाव आयुक्त तथा अन्य चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद के कारण दर्ज आपत्तियां आयोग की कार्यप्रणाली पर चर्चा को बढ़ाती हैं। बिहार के बाद पश्चिम बंगाल और दिल्ली में भी आयोग को लेकर असंतोष की खबरें सामने आई हैं। लोकतंत्र की मजबूती काफी हद तक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों पर निर्भर करती है। मतदाताओं का भरोसा बनाए रखना चुनाव आयोग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। आयोग को पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता के उच्चतम मानकों का पालन करना चाहिए।

-बी. एल. शर्मा 'अकिंचन', ईमेल से