प्रशांत किशोर की बांकीपुर उपचुनाव जीत: एनडीए नेताओं की समीक्षा की मांग, राजनीतिक विश्लेषकों की अलग राय

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Navbharat Times
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की शानदार जीत ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस जीत पर जहां जेडीयू सांसद कौशलेंद्र कुमार ने एनडीए गठबंधन को नतीजों की समीक्षा करने और और अधिक मेहनत करने की सलाह दी है, वहीं बिहार के मंत्री रामकृपाल यादव ने इसे प्रशांत किशोर का "मास्टरस्ट्रोक" करार दिया है। जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने भी पार्टी को जमीनी स्तर पर कमियों की पहचान कर विस्तृत समीक्षा करने की बात कही है। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने इस नतीजे को भाजपा के घटते प्रभाव का संकेत बताते हुए कहा कि भाजपा का दौर खत्म हो रहा है। प्रशांत किशोर ने 32 राउंड की गिनती के बाद 64151 वोट हासिल कर भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 19324 वोटों के बड़े अंतर से हराया, जबकि आरजेडी उम्मीदवार रेखा गुप्ता तीसरे स्थान पर रहीं। यह जन सुराज पार्टी की पहली चुनावी जीत है।

जेडीयू सांसद कौशलेंद्र कुमार ने बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों को एक चेतावनी के रूप में देखा है। उन्होंने कहा कि एनडीए गठबंधन को इस हार से सबक लेना चाहिए और अपनी रणनीतियों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। कुमार ने जोर देकर कहा कि यह सीट पहले भाजपा के पास रही है, इसलिए जनता के जनादेश की गहन समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने कहा, "हमें थोड़ी और मेहनत करने की जरूरत है। एनडीए गठबंधन के सभी नेताओं से मेरा अनुरोध है कि इसकी समीक्षा होनी चाहिए। यह सीट पहले से ही पूर्व भाजपा विधायक के पास लगातार रही है। ऐसे में इस उपचुनाव में जनता ने जो जनादेश दिया है, उसकी समीक्षा होनी चाहिए।" उन्होंने देश की वर्तमान परिस्थितियों और युवाओं के संघर्षों पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि इन मुद्दों पर भी विचार किया जाना चाहिए। कुमार ने यह भी सुझाव दिया कि लोकसभा चुनाव से पहले इस हार के कारणों का पता लगाना और भविष्य की तैयारी करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सांसदों की नियमित बैठकों में इस तरह की चर्चाएं नहीं होतीं, जबकि समय-समय पर समीक्षा होने से शायद यह हार टल सकती थी।
बिहार के मंत्री रामकृपाल यादव ने प्रशांत किशोर की जीत को एक "मास्टरस्ट्रोक" बताते हुए उनकी चुनावी रणनीति की सराहना की। उन्होंने कहा, "प्रशांत किशोर जी ने वाकई एक मास्टरस्ट्रोक खेला है। उन्होंने बहुत शानदार तरीके से बाजी मारी है। उन्होंने बांकीपुर के लोगों में बड़ी उम्मीद जगाई है।" हालांकि, यादव ने किशोर को उनके वादे पूरे करने की सलाह भी दी। उन्होंने किशोर के बयानों में आए बदलावों पर भी प्रकाश डाला, जैसे कि पहले बेंगलुरु जैसा विकास करने की बात कहना और फिर उसे पूरी तरह से वैसा न बनाने की बात कहना। यह टिप्पणी किशोर की विश्वसनीयता पर एक सवालिया निशान लगाती है।

जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने सीट हारने के बाद पार्टी को विस्तृत समीक्षा करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी को जमीनी स्तर पर अपनी कमियों को पहचानना होगा। रजक ने कहा, "अगर लोगों को गुमराह किया गया, तो कहीं न कहीं हमें अपनी कमियां भी माननी होंगी। इन सभी मुद्दों पर गहन समीक्षा की जरूरत है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल औपचारिक बैठकें पर्याप्त नहीं हैं; पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलकर जमीनी हकीकत को समझना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, "हालात का अंदाजा लगाने के लिए सिर्फ कोई औपचारिक बैठक या सभा काफी नहीं है। हमें पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलकर जमीनी स्तर पर विस्तार से समीक्षा करनी होगी। तभी असली तस्वीर सामने आएगी। उन नतीजों के आधार पर, हम अपनी खोई हुई सीट को वापस पाने के लिए फिर से काम शुरू करेंगे।"

दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों को एक बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत माना। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को चुनावी हार का सामना करना जारी रहेगा। प्रसाद ने कहा, "उपचुनाव के ये नतीजे हैरान करने वाले नहीं हैं। इसकी उम्मीद थी। आने वाले उपचुनावों में भी यही ट्रेंड जारी रहेगा। ये नतीजे साफ संकेत हैं कि भाजपा का दौर खत्म हो रहा है।" उन्होंने भविष्यवाणी की कि भाजपा का पतन अयोध्या चुनाव के नतीजों के साथ ही शुरू हो गया था और 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बदलेगी। उन्होंने कहा, "2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में पीडीए सरकार बनेगी। तभी राज्य तरक्की की ओर बढ़ेगा।"

प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में भारी बहुमत से जीत हासिल की है। यह जन सुराज पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो अभी अपनी राजनीतिक यात्रा के शुरुआती दौर में है। वोटों की गिनती के 32 राउंड पूरे होने के बाद, प्रशांत किशोर को कुल 64151 वोट मिले। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 44827 वोटों पर रोक दिया। वहीं, आरजेडी उम्मीदवार रेखा गुप्ता 14273 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। इस तरह, प्रशांत किशोर ने 19324 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। यह जीत जन सुराज पार्टी के लिए एक मजबूत शुरुआत मानी जा रही है और भविष्य में इसके राजनीतिक प्रभाव को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।