तमिलनाडु में 13 साल बाद ऑटो रिक्शा किराए में संशोधन की तैयारी, सरकार को रिपोर्ट सौंपी गई

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चेन्नई, 4 अगस्त: तमिलनाडु में 13 साल बाद ऑटो-रिक्शा के किराए में बड़ा बदलाव होने वाला है। राज्य परिवहन प्राधिकरण ने ट्रेड यूनियनों और यात्रियों से बात करने के बाद सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है। उम्मीद है कि जल्द ही नए किराए तय हो जाएंगे। तमिलनाडु में करीब 3.46 लाख ऑटो चलते हैं और इतने लंबे समय से किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। ऑटो चालकों और यूनियनों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल के दाम, गाड़ी के रखरखाव का खर्च, बीमा और दूसरे खर्चे बहुत बढ़ गए हैं, इसलिए किराया बढ़ाना जरूरी है।

किराए में बदलाव के लिए 9 जुलाई को चेन्नई में एक बैठक हुई थी। इसमें सरकारी अधिकारी, ऑटो यूनियनों के 30 से ज्यादा प्रतिनिधि और यात्रियों के करीब 90 प्रतिनिधि शामिल हुए थे। इस बैठक में न्यूनतम किराए को लेकर दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी मांगें रखीं। ऑटो यूनियनों ने न्यूनतम किराया बढ़ाकर 70 रुपये करने की मांग की। उनका कहना था कि पिछले दस सालों में खर्च इतना बढ़ गया है कि मौजूदा किराया अब ठीक नहीं है। वहीं, यात्री संगठनों ने भी किराया बढ़ाने की जरूरत को समझा, लेकिन उन्होंने सरकार से न्यूनतम किराया 50 रुपये रखने का आग्रह किया। उनका मानना था कि इससे ऑटो यात्रा आम लोगों, खासकर रोज सफर करने वालों के लिए सस्ती बनी रहेगी।
इस बैठक के बाद, परिवहन प्राधिकरण के अधिकारियों ने दोनों पक्षों की बातों को सुना और एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की। इस रिपोर्ट में त्रिपक्षीय बैठक में उठी मुख्य बातों के साथ-साथ ऑटो चलाने में आने वाले खर्चों को प्रभावित करने वाले कई कारणों पर भी ध्यान दिया गया है। अधिकारियों ने अपनी सिफारिशें तैयार करने से पहले दूसरे बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों और ऑटो के किराए का भी अध्ययन किया है।

यह रिपोर्ट अब तमिलनाडु गृह विभाग को भेज दी गई है, जो परिवहन से जुड़े नियमों को देखता है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार इस रिपोर्ट की जांच करेगी और फिर नए न्यूनतम किराए और प्रति किलोमीटर के हिसाब से लगने वाले किराए को अंतिम रूप देगी। एक बार मंजूरी मिलने के बाद, यह नया किराया तमिलनाडु में 13 सालों में ऑटो-रिक्शा के किराए में पहला बड़ा बदलाव होगा। यह नया किराया राज्य भर में चलने वाले करीब 3.46 लाख ऑटो पर लागू होगा।

ऑटो चालकों के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है। ईंधन की बढ़ती कीमतों और अन्य खर्चों के चलते उन्हें काफी परेशानी हो रही थी। कई बार तो ऐसा होता था कि कमाई से ज्यादा खर्च हो जाता था। इसलिए, किराए में बढ़ोतरी उनके लिए आर्थिक रूप से काफी मददगार साबित होगी। वहीं, यात्रियों के लिए यह एक मिश्रित खबर है। जहां कुछ लोग किराए में बढ़ोतरी को जायज मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग इस बात से चिंतित हैं कि इससे उनकी यात्रा महंगी हो जाएगी। खासकर उन लोगों के लिए जो रोज ऑटो से सफर करते हैं, यह एक बड़ा बोझ बन सकता है।

यात्री संगठनों ने सरकार से यह भी अपील की है कि किराए में बढ़ोतरी के साथ-साथ ऑटो की सेवाओं में भी सुधार किया जाए। यात्रियों का कहना है कि कई बार ऑटो चालक मीटर से चलने से मना कर देते हैं या फिर मनमाना किराया वसूलते हैं। ऐसे में, किराए में बढ़ोतरी के साथ-साथ इन समस्याओं का समाधान भी जरूरी है। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि नए किराए तय होने के बाद उनका सही तरीके से पालन हो और यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।

यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार यात्रियों और ऑटो चालकों की मांगों के बीच कैसे संतुलन बनाती है और अंतिम किराया क्या तय करती है। लेकिन एक बात तय है कि 13 साल बाद तमिलनाडु में ऑटो-रिक्शा के किराए में एक नया अध्याय शुरू होने वाला है।