व्हाट्सएप अकाउंट रिव्यू में: यूजर्स को 24 घंटे तक नहीं मिल रही सेवा, जानें क्या है वजह

NewsPoint
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नई दिल्ली, 4 अगस्त। मेटा के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप ने हाल ही में कई यूजर्स के अकाउंट्स पर कार्रवाई की है। यूजर्स ने शिकायत की है कि उनके अकाउंट्स 24 घंटे तक रिव्यू में रखे जा रहे हैं और वे ऐप के कुछ खास फीचर्स का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। यह समस्या सोमवार शाम को सामने आई, जब कई लोगों ने दावा किया कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के व्हाट्सएप इस्तेमाल करने से रोका जा रहा है।

व्हाट्सएप पर दिखने वाले नोटिफिकेशन में लिखा है, "अकाउंट रिव्यू में है। अपील की तारीख: 3 अगस्त 2026। आपके अकाउंट की एक्टिविटी और डिवाइस की जानकारी जांची जा रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह हमारी टर्म्स ऑफ सर्विस को फॉलो करता है। हम आपको रिजल्ट के बारे में बताएंगे, आमतौर पर 24 घंटे के अंदर।" इस नोटिफिकेशन में 'अकाउंट की दिक्कतों के बारे में जानें' का एक विकल्प भी है। यह विकल्प व्हाट्सएप के जिम्मेदार इस्तेमाल के बारे में जानकारी देता है। साथ ही, यह चोरी हुए फोन और हैक हुए अकाउंट्स से जुड़ी जानकारी भी प्रदान करता है।
माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर कई यूजर्स ने इस समस्या की रिपोर्ट की है। एक यूजर ने सोशल मीडिया पर लिखा, "मेरा व्हाट्सएप अकाउंट बिना किसी वजह के बंद कर दिया गया है। मैंने अपील कर दी है, लेकिन रिव्यू पेज पर सिर्फ एक आम मैसेज दिख रहा है जिसमें लिखा है कि इसे आम तौर पर 24 घंटे के अंदर रिव्यू किया जाएगा। मेरी तुरंत मदद करें।" एक और यूजर, सलोनी ने एक्स पर पोस्ट किया, "मेरा व्हाट्सएप अकाउंट बिना किसी वॉर्निंग के अचानक बंद कर दिया गया। मैं सिर्फ आधिकारिक ऐप इस्तेमाल करती हूं और मेरा काम व्हाट्सएप पर निर्भर करता है। प्लीज मदद करें। यह बिल्कुल जरूरी नहीं था।"

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब जुलाई में आई रिपोर्टों के अनुसार, भारत सरकार व्हाट्सएप के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर को लेकर विवाद के बाद देश में संचालित होने वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए समान नियम बनाने पर विचार कर रही थी। रिपोर्टों के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय एक ऐसा सामान्य नियामक ढांचा तैयार करने की कोशिश कर रहा है जो किसी खास प्लेटफॉर्म के बजाय सभी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर लागू हो। यह चर्चा व्हाट्सएप के उस प्रस्तावित फीचर के सरकारी विरोध के बाद हुई है, जिससे यूजर्स अपना फोन नंबर बताए बिना भी बातचीत कर सकेंगे।

यूजर्स की शिकायतें दर्शाती हैं कि व्हाट्सएप द्वारा की गई यह कार्रवाई अचानक और बिना किसी स्पष्टीकरण के हुई है। कई यूजर्स के लिए व्हाट्सएप सिर्फ एक मैसेजिंग ऐप नहीं है, बल्कि उनके काम और निजी जीवन का एक अहम हिस्सा है। ऐसे में, अकाउंट का अचानक बंद हो जाना उनके लिए बड़ी परेशानी का सबब बन रहा है। 24 घंटे के रिव्यू पीरियड का मतलब है कि यूजर्स को एक दिन तक इंतजार करना पड़ सकता है, जो कि कई लोगों के लिए बहुत लंबा समय हो सकता है।

व्हाट्सएप का यह कदम यूजर्स के बीच चिंता पैदा कर रहा है। वे यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके अकाउंट्स क्यों बंद किए जा रहे हैं और इस समस्या का समाधान कैसे होगा। नोटिफिकेशन में दी गई जानकारी सामान्य है और अक्सर यूजर्स को उनकी विशिष्ट समस्या का समाधान नहीं बताती। एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर यूजर्स की गुहारें इस बात का सबूत हैं कि वे तत्काल सहायता की तलाश में हैं।

सरकार द्वारा मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए समान नियम बनाने की बात भी इस मुद्दे को और महत्वपूर्ण बनाती है। यदि व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म्स अपनी नीतियों को लागू करने में इस तरह की कठोरता दिखाते हैं, तो यह समझना महत्वपूर्ण हो जाता है कि इन प्लेटफॉर्म्स को कैसे विनियमित किया जाना चाहिए ताकि यूजर्स के अधिकारों की रक्षा हो सके और वे बिना किसी बाधा के अपनी सेवाओं का उपयोग कर सकें। प्रस्तावित यूजरनेम फीचर पर सरकार का विरोध भी इसी दिशा में एक कदम है, जिसका उद्देश्य प्लेटफॉर्म्स पर अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है।