कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने भाजपा सरकार और आरएसएस पर साधा निशाना, अमित शाह से सदन में जवाब देने की अपील

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Navbharat Times
नई दिल्ली, 5 अगस्त: कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह से सदन का सम्मान करने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर जनता को जवाब देने की अपील की है। भगत ने भाजपा पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश जानना चाहता है कि अमित शाह कब सदन में आकर जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री सदन से गायब हैं और अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं, जबकि वे अपनी पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल होते हैं।

सांसद सुखदेव भगत ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "देश जानना चाहता है कि अमित शाह सदन में कब आएंगे और जवाब देंगे। गृह मंत्री सदन का सम्मान करें और सवालों का समाधान करें। महत्वपूर्ण सदन चल रहा है लेकिन गृह मंत्री सदन से गायब हैं और अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। अमित शाह अपनी पार्टी के कार्यक्रम में शामिल होते हैं लेकिन देश की जनता को जवाब देने के लिए सदन में नहीं आ रहे हैं। इसलिए भारतीय जनता पार्टी को अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए।"
राहुल गांधी के इस आरोप पर कि आरएसएस इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश कर रहा है, सुखदेव भगत ने कहा कि आरएसएस आज भी हीनभावना से ग्रस्त है। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में देश के हर वर्ग ने हिस्सा लिया था, लेकिन 'भारत छोड़ो आंदोलन' के दौरान आरएसएस अंग्रेजों के साथ खड़ा था। भगत ने यह भी आरोप लगाया कि जब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या हुई, तो आरएसएस से जुड़े लोग सीधे तौर पर उसमें शामिल पाए गए थे। उन्होंने कहा कि आरएसएस ने हमारे राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया है, कभी भी अपने मुख्यालय पर इसे नहीं फहराया और कभी भी संविधान को सच्चे मन से स्वीकार नहीं किया।

तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के एक बयान पर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि उदयनिधि स्टालिन के कद को देखते हुए उनसे शब्दों के चयन में संयम बरतने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि उन्हें नैतिक मूल्यों का पालन करना चाहिए और खासकर महिलाओं पर अनुचित टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। ऐसी टिप्पणियों से बचना चाहिए क्योंकि ये राजनीतिक मर्यादा के सिद्धांतों के खिलाफ हैं।

सुखदेव भगत ने गृहमंत्री अमित शाह से सदन का सम्मान करने और हालिया महत्वपूर्ण मुद्दों पर जनता को जवाब देने की मांग की। उन्होंने भाजपा पर संसद की कार्यवाही को बाधित करने का आरोप लगाया और कहा कि देश जानना चाहता है कि गृहमंत्री कब सदन में आकर जवाब देंगे। भगत ने कहा कि अमित शाह अपनी पार्टी के कार्यक्रमों में तो शामिल होते हैं, लेकिन देश की जनता को जवाब देने के लिए सदन में नहीं आते। उन्होंने भाजपा को आईना देखने की सलाह दी।

आरएसएस के इतिहास को फिर से लिखने के प्रयास वाले आरोप पर सुखदेव भगत ने कहा कि आरएसएस आज भी हीनभावना से ग्रस्त है। उन्होंने याद दिलाया कि आजादी की लड़ाई में सभी वर्गों ने भाग लिया था, लेकिन 'भारत छोड़ो आंदोलन' के दौरान आरएसएस अंग्रेजों के साथ था। भगत ने यह भी कहा कि महात्मा गांधी की हत्या में आरएसएस से जुड़े लोगों की सीधी संलिप्तता पाई गई थी। उन्होंने आरएसएस पर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने और संविधान को सच्चे मन से स्वीकार न करने का भी आरोप लगाया।

तमिलनाडु के नेता उदयनिधि स्टालिन के बयान पर सुखदेव भगत ने कहा कि उनसे शब्दों के चयन में संयम बरतने की उम्मीद है। उन्होंने नैतिक मूल्यों का पालन करने और महिलाओं पर अनुचित टिप्पणी से बचने की सलाह दी। भगत ने कहा कि ऐसी टिप्पणियां राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ हैं।