जनेश्वर मिश्र की जयंती पर सपा सांसद सनातन पांडे ने किया नमन, समतामूलक समाज का लिया संकल्प
जनेश्वर मिश्र की जयंती पर सपा सांसद सनातन पांडे ने किया नमन, समतामूलक समाज का लिया संकल्प
NewsPoint•
लखनऊ, 5 अगस्त। समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडे ने बुधवार को जनेश्वर मिश्र की जयंती पर उन्हें याद करते हुए कहा कि जनेश्वर मिश्र ने अपना पूरा जीवन किसानों, गरीबों, छात्रों और शोषितों के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि जनेश्वर मिश्र ने समतामूलक समाज की बात की और उन्हीं के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन जिया। सांसद पांडे ने कहा कि जनेश्वर मिश्र जैसे नेता आज के समय में मिलना मुश्किल है।
सांसद सनातन पांडे ने जनेश्वर मिश्र को एक ऐसा नेता बताया जिसके पास पांच बार सांसद और सात बार मंत्री रहने के बाद भी कुछ नहीं था, लेकिन उन्होंने सिर्फ जनता की सेवा की। उन्होंने कहा कि आज उनके जन्मदिन पर प्रदेश के लोग उन्हें याद कर रहे हैं। पांडे ने आगे कहा कि अगर राजनीतिक जीवन में सफलता पानी है और आगे बढ़ना है तो गरीबों, पिछड़ों, वंचितों और समाज के हर वर्ग के पीछे छूटे हुए लोगों को आगे लाना होगा। तभी समतामूलक समाज की स्थापना हो सकेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यही जनेश्वर मिश्र का सपना था और यही हमारा संकल्प होना चाहिए।इसी बीच, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जनेश्वर मिश्र को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने लिखा, “समाजवादी आंदोलन के प्रखर पुरोधा, ‘छोटे लोहिया’ जनेश्वर मिश्र जी की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।” शिवपाल सिंह यादव ने जनेश्वर मिश्र के विचारों को याद करते हुए कहा कि जनेश्वर जी कहते थे कि सत्ता का धर्म जनता के प्रति जवाबदेही है, प्रचार नहीं।
शिवपाल सिंह यादव ने वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आज सत्ता महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की बदहाली, शिक्षा-स्वास्थ्य की चुनौतियों और सामाजिक न्याय जैसे मूल प्रश्नों से ध्यान भटकाने में अधिक व्यस्त दिखाई देती है। ऐसे समय में जनेश्वर मिश्र के विचार और भी प्रासंगिक हो जाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जनेश्वर जी का समाजवाद सत्ता के अहंकार के सामने सच बोलने का साहस देता है।
शिवपाल सिंह यादव ने जनेश्वर मिश्र के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि के रूप में सामाजिक न्याय, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के संघर्ष को बताया। उन्होंने कहा, “गरीबों के आंसू पोंछना ही समाजवाद है।” यह बात उन्होंने जनेश्वर मिश्र के विचारों को दोहराते हुए कही। जनेश्वर मिश्र का जीवन गरीबों और शोषितों के उत्थान के लिए समर्पित रहा, और उनके विचार आज भी समाजवादी आंदोलन के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। उनके जन्मदिन पर उन्हें याद करना इस बात का प्रतीक है कि उनके दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प आज भी कायम है।