प्रशांत किशोर के बयानों पर रामकृपाल यादव और संजय सरावगी की प्रतिक्रिया, बांकीपुर उपचुनाव और राम मंदिर पर भी बोले
प्रशांत किशोर के बयानों पर रामकृपाल यादव और संजय सरावगी की प्रतिक्रिया, बांकीपुर उपचुनाव और राम मंदिर पर भी बोले
NewsPoint•
पटना, 5 अगस्त। बिहार के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों प्रशांत किशोर के बयानों को लेकर गरमागरमी का माहौल है। बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी, बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव और जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों और प्रशांत किशोर के विभिन्न बयानों पर तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। रामकृपाल यादव ने प्रशांत किशोर पर चुनाव जीतने के बाद झूठ बोलने का आरोप लगाया है, वहीं संजय सरावगी ने प्रशांत किशोर की भाषा में अहंकार बताया है। जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने झारखंड में पेपर लीक को लेकर युवाओं के विरोध प्रदर्शन को एक संवेदनशील मामला बताया है।
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने प्रशांत किशोर के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है जिसमें उन्होंने बांकीपुर को बेंगलुरु बनाने की बात कही थी। यादव ने कहा कि प्रशांत किशोर एक बुद्धिजीवी व्यक्ति हैं और उन्हें लोगों का समर्थन भी मिला है, लेकिन उन्हें गलत बयान नहीं देने चाहिए। यादव ने जोर देकर कहा कि उन्होंने खुद प्रशांत किशोर के बयान सुने हैं और वे पूरी जिम्मेदारी के साथ कह सकते हैं कि प्रशांत किशोर ने कहा था, "मैं बांकीपुर को बेंगलुरु बना दूंगा।" अब वे अपना रुख बदल रहे हैं और जनता को धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं। यादव ने यह भी कहा कि प्रशांत किशोर को मतदाताओं से किए गए वादों का जवाब देना होगा।संसद में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर विपक्ष के हंगामे पर रामकृपाल यादव ने कहा कि विपक्ष केवल एक एजेंडा बनाने की कोशिश कर रहा है क्योंकि उनके पास कोई असली मुद्दा नहीं है। वे चोरी और अन्य आरोप लगाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से संतों का अपमान किया गया है और उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर इस मुद्दे को हल्के में लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, बल्कि वे इसका तमाशा बना रहे हैं। उनके सांसद घटनास्थल का दौरा कर रहे हैं और पॉलिटिकल ड्रामा कर रहे हैं।
प्रशांत किशोर द्वारा मनोज तिवारी को लेकर दिए गए बयान पर भी रामकृपाल यादव ने पलटवार किया। उन्होंने पूछा कि क्या भरत तिवारी के परिवार से मिलना कोई अपराध है? यादव ने कहा कि मनोज तिवारी सांसद हैं और बिहार के बेटे हैं। यह उनकी जिम्मेदारी है कि भरत तिवारी के परिवार को न्याय मिले, और सरकार न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। हर स्तर पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है। यादव ने सवाल उठाया कि प्रशांत किशोर इससे परेशान क्यों हैं? उन्होंने प्रशांत किशोर की अभद्र भाषा की निंदा की और कहा कि यह उनकी सार्वजनिक छवि के लिए ठीक नहीं है। उनसे किसी को धमकाने, मारपीट करने या गाली-गलौज करने की उम्मीद नहीं की जाती है।
झारखंड में पेपर लीक को लेकर जेन-जी के विरोध प्रदर्शन पर जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा कि यह बहुत संवेदनशील मामला है और युवा बहुत नाराज हैं, सिर्फ़ एक राज्य में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने अनुभवी विशेषज्ञों और जानकार लोगों की छह सदस्यीय कमेटी बनाकर इसका समाधान निकालने की कोशिश की है। कमेटी इस मुद्दे को सुलझाने के तरीकों पर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। हालांकि, रजक ने स्वीकार किया कि युवाओं का गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है और यह अशांति अब झारखंड तक भी पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि झारखंड की सरकार को युवाओं से बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए।
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी भाजपा सांसद मनोज तिवारी पर प्रशांत किशोर के हमले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर की भाषा में अहंकार दिखाई देने लगा है। सरावगी ने यह भी कहा कि प्रशांत किशोर को राजद का भी बड़ी मात्रा में वोट मिला है।
प्रशांत किशोर द्वारा बिहार की राजनीति में सम्राट चौधरी की भूमिका और नेतृत्व पर सवाल उठाए जाने पर संजय सरावगी ने कहा कि बांकीपुर में उपचुनाव था। भाजपा और एनडीए दो तिहाई बहुमत से बिहार सरकार में है। उन्होंने कहा कि उपचुनाव में भाजपा की हार की वे गहन समीक्षा करेंगे।
कुल मिलाकर, बिहार के राजनीतिक नेता प्रशांत किशोर के बयानों को लेकर हमलावर रुख अपनाए हुए हैं। वे प्रशांत किशोर पर वादे से मुकरने, अभद्र भाषा का प्रयोग करने और राजनीतिक एजेंडा चलाने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं, पेपर लीक जैसे मुद्दों पर युवाओं के गुस्से को भी स्वीकार किया जा रहा है और समाधान की बात कही जा रही है। बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर भी भाजपा गहन समीक्षा करने की बात कह रही है। यह साफ है कि बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में भी प्रशांत किशोर के बयानों और उन पर होने वाली प्रतिक्रियाओं का दौर जारी रहेगा।