सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि, कार्यों को किया याद

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Navbharat Times
नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। पूर्व विदेश मंत्री और पद्म विभूषण से सम्मानित सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर देश भर के कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उन्हें याद किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और बिहार के मुख्यमंत्रियों ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर सुषमा स्वराज के राष्ट्रसेवा, जनकल्याण और भारतीय कूटनीति में दिए गए योगदान को सराहा। उन्होंने सुषमा स्वराज के प्रेरणादायी व्यक्तित्व, ओजस्वी वाणी और हर भारतीय के प्रति संवेदनशीलता को याद किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "राष्ट्रसेवा को धर्म, जनकल्याण को संकल्प और भारत की प्रतिष्ठा को दायित्व मानने वाली प्रखर वक्ता, संवेदनशील जननेता, पूर्व विदेश मंत्री एवं 'पद्म विभूषण' सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। उनका जीवन राष्ट्रनिष्ठा, लोकसेवा और उदात्त लोकतांत्रिक मूल्यों की गरिमा का उज्ज्वल अध्याय है।"
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा, "प्रखर वक्ता, भारत सरकार में पूर्व विदेश मंत्री, पद्म विभूषण से सम्मानित सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटिशः नमन! राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने का उनका संकल्प, जनसेवा के प्रति उनका समर्पण तथा भारतीय कूटनीति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनका अमूल्य योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनका प्रेरणादायी व्यक्तित्व और कर्तव्यनिष्ठ जीवन हम सभी को राष्ट्रसेवा के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा।"

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सुषमा स्वराज को याद करते हुए कहा, "पूर्व केंद्रीय मंत्री, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पद्म विभूषण सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। दिल्ली की जनता के साथ उनका आत्मीय रिश्ता, सहज मुस्कान, ओजस्वी वाणी और हर व्यक्ति के दुख-सुख को अपना मानने का उनका स्वभाव उन्हें एक असाधारण जननेता बनाता था।" उन्होंने आगे कहा, "मुख्यमंत्री से लेकर विदेश मंत्री तक, उन्होंने हर दायित्व को सेवा, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों के साथ निभाया। दुनिया के किसी भी कोने में संकट में फंसे भारतीय के लिए उनका एक संदेश ही आश्वासन और विश्वास का प्रतीक बन जाता था। जनसेवा के प्रति उनका समर्पण, राष्ट्र के प्रति उनकी निष्ठा और लोगों के जीवन को स्पर्श करने वाली उनकी संवेदनशीलता सदैव स्मरणीय रहेगी। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।"

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "पद्म विभूषण से सम्मानित पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय श्रीमती सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि। राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानकर किए गए उनके सार्थक कार्य, जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा विदेशों में संकटग्रस्त भारतीयों की सहायता के लिए उनका मानवीय दृष्टिकोण सदैव स्मरणीय रहेगा।"

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सुषमा स्वराज को 'दीदी' कहकर संबोधित करते हुए कहा, "पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज 'दीदी' की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। राष्ट्र के प्रति निष्ठा, जनसेवा और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित उनका जीवन प्रेरणा देता रहेगा। राष्ट्रहित के लिए उनकी अटूट निष्ठा और संकट की घड़ी में प्रत्येक भारतीय के प्रति संवेदनशीलता सदैव स्मरणीय रहेगी।"

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुषमा स्वराज को नारी सशक्तिकरण की प्रतीक बताते हुए कहा, "नारी सशक्तीकरण की सशक्त प्रतीक, सौम्यता एवं सादगी की प्रतिमूर्ति, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर कोटिशः नमन। आपने अपने अद्वितीय नेतृत्व, संवेदनशील व्यक्तित्व और राष्ट्रसेवा के प्रति अटूट समर्पण से भारतीय राजनीति में अमिट छाप छोड़ी। आपका संपूर्ण जीवन सेवा, समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा एवं राष्ट्रहित के मूल्यों का अनुपम उदाहरण रहा। आपका प्रेरणादायी व्यक्तित्व एवं कृतित्व आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता रहेगा।"

बिहार के मुख्यमंत्री ने भी एक्स पोस्ट में कहा, "भाजपा की वरिष्ठ नेत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं 'पद्म विभूषण' से सम्मानित स्व. सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। राष्ट्रसेवा, उत्कृष्ट नेतृत्व, ओजस्वी वक्तृत्व और जनकल्याण के प्रति आपका समर्पण सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। आपका सादगीपूर्ण व्यक्तित्व और राष्ट्रहित के प्रति अटूट समर्पण देशवासियों के हृदय में सदैव अमिट रहेगा।"

सुषमा स्वराज, जो अपनी तेज तर्रार वक्तृत्व शैली और आम आदमी से जुड़ाव के लिए जानी जाती थीं, ने भारतीय राजनीति में एक खास मुकाम हासिल किया था। मुख्यमंत्री से लेकर विदेश मंत्री तक के सफर में उन्होंने हर पद पर अपनी छाप छोड़ी। विदेश मंत्री के तौर पर, उन्होंने दुनिया भर में फंसे भारतीयों की मदद के लिए हमेशा तत्परता दिखाई। उनके कार्यकाल में 'ऑपरेशन 'जैसे कई मिशन चलाए गए, जिन्होंने हजारों भारतीयों को सुरक्षित घर वापस लाने में मदद की। उनकी त्वरित प्रतिक्रिया और मानवीय दृष्टिकोण ने उन्हें देश और विदेश में एक लोकप्रिय नेता बनाया।

सुषमा स्वराज का जन्म 13 फरवरी 1952 को हरियाणा के अंबाला में हुआ था। उन्होंने राजनीति में अपना करियर बहुत कम उम्र में शुरू किया और जल्द ही अपनी वाक्पटुता और नेतृत्व क्षमता से सबको प्रभावित किया। दिल्ली की मुख्यमंत्री बनने वाली वह पहली महिला थीं। इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली, जिसमें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और विदेश मंत्रालय शामिल हैं। विदेश मंत्री के रूप में, उन्होंने भारत की विदेश नीति को एक नई दिशा दी और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आवाज को मजबूती से रखा।

उनकी पुण्यतिथि पर नेताओं द्वारा व्यक्त की गई श्रद्धांजलि उनके जीवन और कार्यों के प्रति सम्मान को दर्शाती है। यह याद दिलाता है कि कैसे उन्होंने अपने पूरे जीवन को राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के लिए समर्पित कर दिया। उनके विचार और कार्य आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं। सुषमा स्वराज का व्यक्तित्व ऐसा था कि वे हर किसी के दुख-सुख में शामिल होती थीं और उनकी सहज मुस्कान लोगों को अपनापन महसूस कराती थी। उनका ओजस्वी भाषण सुनने वाले मंत्रमुग्ध हो जाते थे।

सुषमा स्वराज का जीवन इस बात का प्रमाण है कि कैसे समर्पण, निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ देश की सेवा की जा सकती है। उन्होंने हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा और अपने कार्यों से यह साबित किया कि एक राजनेता जनता के लिए कितना कुछ कर सकता है। उनकी कमी आज भी महसूस की जाती है, लेकिन उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।