इंदौर में अंतरराज्यीय निवेश धोखाधड़ी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार
इंदौर में अंतरराज्यीय निवेश धोखाधड़ी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार
NewsPoint•
नई दिल्ली, 5 अगस्त: दिल्ली पुलिस के साइबर सेल ने मध्य प्रदेश के इंदौर में चल रहे एक बड़े फर्जी निवेश रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है जो शेयर बाजार और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर रहे थे। यह गिरोह एक जानी-मानी कंपनी का नाम इस्तेमाल कर रहा था और देश भर के कई राज्यों में ऐसे अपराधों को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने इनके पास से कंप्यूटर, मोबाइल फोन और हजारों निवेशकों की निजी जानकारी वाली स्प्रेडशीट भी जब्त की हैं।
यह बड़ी कार्रवाई दिल्ली के उत्तम नगर के रहने वाले सुनील कुमार की शिकायत के बाद हुई। सुनील कुमार ने 5 जुलाई को पुलिस को बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश करने के लिए लुभाया। पहले उन्हें भारतीय शेयर बाजार में पैसा लगाने को कहा गया, जिससे उनका भरोसा बढ़ा। इसके बाद, उन्हें फॉरेक्स ट्रेडिंग में भी निवेश करने के लिए उकसाया गया। आरोपियों ने उन्हें नकली मुनाफे के बड़े-बड़े वादे दिखाए और बार-बार और ज्यादा पैसे लगाने के लिए कहा। जब सुनील कुमार ने अपनी रकम और मुनाफा निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने तरह-तरह के बहाने बनाए और आखिर में ट्रेडिंग में भारी नुकसान दिखाकर उनकी सारी रकम हड़प ली। इस तरह सुनील कुमार से कुल 17,30,050 रुपये की ठगी हुई। सुनील कुमार मार्च 2026 से लगातार निवेश कर रहे थे और जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ, तब उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।इस शिकायत के आधार पर, द्वारका साइबर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 318(4), 319 और 61(2) के तहत एफआईआर संख्या 29/2026 दर्ज की गई। द्वारका के डीसीपी कुशल पाल सिंह और अतिरिक्त डीसीपी विकास मीणा के सख्त निर्देशों पर साइबर पुलिस की टीम ने तुरंत जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शिकायतकर्ता से संपर्क करने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच की, जिससे उन्हें इंदौर तक पहुंचने में मदद मिली। इंस्पेक्टर मुकेश कुमार के नेतृत्व में, साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप तुषार और एसीपी ऑपरेशन सुभाष मलिक की देखरेख में एक खास टीम इंदौर भेजी गई।
टीम ने इंदौर के सदर बाजार थाना क्षेत्र में एक बाजार में छापा मारा और वहां से फर्जी निवेश के नाम पर लोगों को ठगने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इन आरोपियों को पहले इंदौर की स्थानीय अदालत में पेश किया गया और फिर दिल्ली लाया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम सुमित सिंह चौधरी (23), राहुल सिंह (32), अश्विनी कुमार (35), महेश सिंह (32), पियूष राठौर (27) और रविंदर सिंह चौहान (24) हैं, जो सभी इंदौर के रहने वाले हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि ये आरोपी इस फर्जी कॉल सेंटर में कॉलर और टीम लीडर के तौर पर काम कर रहे थे। उनके पास से अपराध में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस की जांच से यह भी पता चला है कि यह गिरोह अवैध तरीकों से उन लोगों का डेटा हासिल करता था जो पहले से शेयर बाजार में निवेश कर चुके होते थे। इसके बाद, ये कॉलर लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें पहले भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने के लिए मनाते थे। जब उनका भरोसा जीत लेते थे, तो उन्हें एक नकली अंतरराष्ट्रीय फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने के लिए फंसाते थे। पीड़ितों को पैसे सीधे आरोपियों के निजी बैंक खातों में जमा करने के लिए कहा जाता था। उन्हें नकली मुनाफे के स्क्रीनशॉट या रिपोर्ट दिखाकर और ज्यादा निवेश करने के लिए प्रेरित किया जाता था। जब निवेशक अपनी रकम निकालने की कोशिश करते थे, तो आरोपी तरह-तरह के बहाने बनाते थे और अंत में ट्रेडिंग में भारी नुकसान दिखाकर उनकी सारी जमा की हुई रकम हड़प लेते थे।
पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पिछले दो से चार महीनों से इस अवैध कॉल सेंटर में काम कर रहे थे। उन्हें हर महीने 10,000 से 14,500 रुपये तक का वेतन मिलता था। इसके अलावा, ठगी से जुटाई गई कुल रकम का लगभग 10 प्रतिशत कमीशन भी उन्हें दिया जाता था। यह वेतन और कमीशन दोनों ही नकद में दिए जाते थे।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 28 सीपीयू, 25 मोबाइल फोन, दो वाई-फाई राउटर, एक डीवीआर और एक ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग कैमरा बरामद किया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब्त किए गए 25 मोबाइल फोन में से तीन सीधे शिकायतकर्ता सुनील कुमार से संपर्क करने वाले नंबरों से जुड़े पाए गए। वहीं, 28 सीपीयू में मौजूद 1,400 से अधिक एक्सेल शीट में हजारों लोगों के नाम, पैन विवरण, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और बैंक खाते जैसी बेहद संवेदनशील व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी मिली है।
पुलिस का कहना है कि बरामद डेटा का विश्लेषण करने पर अब तक राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज कई साइबर धोखाधड़ी के मामलों से संबंध सामने आए हैं। इन सभी मामलों में कुल नुकसान 54.70 लाख रुपये से अधिक का पाया गया है। इस गिरोह ने महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, बिहार सहित कई राज्यों के लोगों को अपना शिकार बनाया है। पुलिस अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों और इनके द्वारा ठगी गई पूरी रकम का पता लगाने के लिए आगे की जांच कर रही है। यह मामला ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे को उजागर करता है और लोगों को ऐसे लुभावने ऑफर्स से सावधान रहने की चेतावनी देता है।