रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जबलपुर में टी-सीरीज टैंक ओवरहॉल परियोजना का भूमिपूजन करेंगे

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Navbharat Times
नई दिल्ली, 27 अगस्त: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जबलपुर में टी-सीरीज टैंकों के ओवरहाल (मरम्मत और आधुनिकीकरण) के लिए एक नई सुविधा का भूमिपूजन किया। यह पहल भारत के टी-90 और टी-72 जैसे प्रमुख टैंकों को लगातार बेहतर बनाने और उनमें नए उपकरण लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस परियोजना से भारतीय सेना के टैंकों को देश में ही बेहतर ढंग से ठीक करने और युद्ध के लिए तैयार करने की क्षमता बढ़ेगी, जिससे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खुद इस बारे में जानकारी साझा करते हुए कहा, "मैं आज जबलपुर (मध्य प्रदेश) में रहूंगा। मैं व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर में टी-सीरीज टैंक ओवरहॉल प्रोजेक्ट के लिए 'भूमि पूजन समारोह' में शामिल होने के लिए उत्सुक हूं।" यह कार्यक्रम आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड की वाहन निर्माणी जबलपुर में आयोजित किया गया। इस नई सुविधा का मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना के टी-सीरीज टैंकों की मरम्मत और उन्हें फिर से युद्ध के लिए तैयार करने की क्षमता को मजबूत करना है।
इस रणनीतिक परियोजना के शुरू होने से टैंकों के रखरखाव और उन्हें युद्ध के लिए तैयार करने का काम अब देश में ही किया जा सकेगा। यह रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस कार्यक्रम में रक्षा उत्पादन विभाग के सचिव, रक्षा उत्पादन विभाग की संयुक्त सचिव और आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड के सीएमडी जैसे कई बड़े अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

वाहन निर्माणी जबलपुर की स्थापना साल 1969 में हुई थी। यह फैक्ट्री लंबे समय से भारतीय सेना के लिए अलग-अलग तरह के सैन्य वाहन बनाने का काम कर रही है। टी-72 टैंकों की मरम्मत के मामले में यह फैक्ट्री पहले भी अपनी काबिलियत साबित कर चुकी है। जनवरी 2026 में, इस फैक्ट्री द्वारा ठीक किए गए पहले दो टी-72 टैंकों को सेना को सौंपा गया था।

अब इस नई परियोजना से जबलपुर की रक्षा उत्पादन क्षमता को और भी बढ़ावा मिलेगा। इससे देश में टैंकों के रखरखाव और उनकी मरम्मत के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और मजबूत होगी। यह पहल भारतीय सेना के टैंकों को आधुनिक बनाने और उनकी युद्धक क्षमता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। इस तरह के कदम देश की सुरक्षा को और भी मजबूत बनाते हैं।