बिहार में बाढ़ का कहर: भागलपुर, बगहा, पटना और रायबरेली में जनजीवन अस्त व्यस्त, नेपाल त्रासदी का असर
बिहार में बाढ़ का कहर: भागलपुर, बगहा, पटना और रायबरेली में जनजीवन अस्त-व्यस्त, नेपाल त्रासदी का असर
NewsPoint•
बिहार में बाढ़ का कहर जारी है, जिससे लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। भागलपुर के नौगछिया में गंगा नदी का तटबंध टूटने से कई परिवार बेघर हो गए हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है, वहीं बगहा में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पटना के आसपास भी बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है, जिससे लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के रायबरेली में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है, जिससे कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है और किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ का असर भारत के दूसरे राज्यों पर भी दिख रहा है, जहां लोग फंसे हुए हैं और उनके परिवार मदद की गुहार लगा रहे हैं।
बिहार के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। भागलपुर के नौगछिया में गंगा नदी का तटबंध टूटने के कारण बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग इन परिवारों तक तुरंत राहत पहुंचाने में लगा है। यहां मुफ्त कम्युनिटी किचन, अस्थायी मेडिकल कैंप और राहत शिविर चलाए जा रहे हैं। प्रशासन की टीमें लगातार राहत और बचाव के काम में जुटी हैं। वहीं, बगहा में नेपाल में आई भारी आपदा के बाद गंडक नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने के डर से वे रातभर जागते रहे। प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।पटना के आसपास के इलाकों में भी बाढ़ का पानी घरों में घुसने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई परिवार अपने मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं। लोगों ने पटना मरीन ड्राइव जैसे ऊंचे और अपेक्षाकृत सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है। उत्तर प्रदेश के रायबरेली में गंगा का जलस्तर चेतावनी के निशान से ऊपर पहुंच गया है। इससे कटरा क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई जगहों पर जलभराव की सूचना है और खेतों में खड़ी धान, गन्ने और अरहर की फसलें पानी में डूब गई हैं। किसानों को अपनी फसल और आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है।
इस बीच, नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ का असर दूसरे राज्यों के परिवारों पर भी दिखाई दे रहा है। जम्मू में गोरखा समुदाय के लोगों ने गोरखा मंदिर में प्रार्थना कर नेपाल त्रासदी में जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति की कामना की। साथ ही, लापता भारतीय और विदेशी नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए भी प्रार्थना की गई। पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर के छह यात्री भी नेपाल में बाढ़ के बीच 25 अगस्त की रात से संपर्क से बाहर हैं। बताया जा रहा है कि वे कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए थे। लापता अरिंदम गांगुली और अन्य यात्रियों के परिवार तत्काल मदद की मांग कर रहे हैं। अरिंदम की दोस्त सुजाता बनर्जी ने बताया कि मौसुमी गांगुली और अरिंदम एक ट्रैवल ग्रुप के साथ यात्रा पर गए थे और कल से उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि ट्रैवल एजेंसी से संपर्क करने पर बताया गया कि पिछली रात और सुबह यात्रियों से बात हुई थी लेकिन परिवारों को पूरी जानकारी नहीं दी जा रही है। इससे उनकी चिंता बढ़ गई है। पड़ोसियों और परिजनों ने प्रशासन से यात्रियों का जल्द पता लगाने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने की अपील की है।