रक्षाबंधन 2023: भद्रा का साया नहीं, जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त और उपाय
रक्षाबंधन 2023: भद्रा का साया नहीं, जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त और उपाय
NewsPoint•
प्रयागराज, 27 अगस्त (आईएएनएस)। रक्षाबंधन का त्योहार, जो भाई-बहन के अटूट प्रेम और रक्षा के वादे का प्रतीक है, इस साल 28 अगस्त को मनाया जाएगा। इस बार राखी बांधने के लिए पूरे दिन शुभ मुहूर्त रहेगा क्योंकि भद्रा का साया 27 अगस्त को ही समाप्त हो जाएगा। हालांकि, सुबह चंद्रग्रहण है, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक मान्य नहीं होगा। ज्योतिषी पंडित शिप्रा सचदेव ने बताया कि नकारात्मक प्रभावों को दूर करने के लिए पहले भगवान शिव, फिर भगवान विष्णु और गुरु को राखी बांधने के बाद ही भाई को राखी बांधनी चाहिए। इससे धन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं और रिश्तों में सकारात्मकता आती है।
ज्योतिषी पंडित शिप्रा सचदेव ने आईएएनएस से खास बातचीत में बताया कि इस बार रक्षाबंधन 28 अगस्त को पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि अच्छी बात यह है कि भद्रा 27 अगस्त को ही लगकर समाप्त हो जाएगी। इसलिए, इस बार रक्षाबंधन के दिन भद्रा का साया नहीं रहेगा। इसका मतलब है कि लोग बिना किसी रुकावट के पूरे दिन राखी बांध सकेंगे।उन्होंने यह भी बताया कि इस दिन सुबह चंद्रग्रहण है, लेकिन यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए, इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा और इसका सीधा असर भी नहीं पड़ेगा। हालांकि, ज्योतिषीय नजरिए से चंद्रग्रहण का कुंडली पर थोड़ा बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
इस नकारात्मक प्रभाव को दूर करने के लिए ज्योतिषी शिप्रा सचदेव ने एक खास उपाय बताया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के दिन सबसे पहले रक्षा सूत्र भगवान शिव को बांधना चाहिए। शिव जी ने विष को धारण किया है और चंद्रमा को भी अपने मस्तक पर धारण किया हुआ है, इसलिए वे नकारात्मकता को दूर करते हैं। इसके बाद, दूसरा रक्षा सूत्र भगवान विष्णु को और तीसरा अपने गुरु को बांधना चाहिए। इसके बाद ही भाई को राखी बांधें।
ज्योतिषी का मानना है कि इस क्रम का पालन करने से धन संबंधी और खर्च संबंधी समस्याएं समाप्त हो जाती हैं। साथ ही, भाई-बहन के रिश्ते में सकारात्मकता आती है।
शुभ मुहूर्त की बात करें तो इस बार रक्षाबंधन पर सुबह से ही शुभ समय शुरू हो रहा है। पहला शुभ मुहूर्त सुबह 7:30 बजे तक रहेगा। इसके बाद, दूसरा सबसे अच्छा मुहूर्त सुबह 9:25 बजे से शुरू होकर 10:30 बजे तक रहेगा। इस दौरान राखी बांधना बहुत शुभ माना जा रहा है।
ज्योतिषी ने लोगों को सलाह दी है कि वे राहु काल के दौरान राखी बांधने से बचें। इस बार राहु काल सुबह 10:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 12:20 बजे तक रहेगा। इस समय में राखी न बांधें।
उन्होंने यह भी बताया कि दोपहर 2:30 बजे से 3:00 बजे तक भी एक अच्छा मुहूर्त है और उसके बाद पूरे दिन राखी बांधी जा सकती है।
रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के बीच गहरे प्रेम, स्नेह और एक-दूसरे की रक्षा करने के वादे का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं, जो यह दर्शाती है कि भाई हमेशा उनकी रक्षा करेगा। इस साल भी इस त्योहार को लेकर लोगों में खास उत्साह है। सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य के लिए मुहूर्त देखा जाता है, और राखी बांधने के लिए भी शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व है।