तमिलनाडु: आदमखोर बाघ को पकड़ने की मांग, गुडालुर में 48 घंटे का बंद, 10,000 दुकानें बंद

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नीलगिरि, 27 अगस्त। तमिलनाडु के गुडालुर में दो लोगों को मारने वाले आदमखोर बाघ को पकड़ने की मांग को लेकर व्यापारियों और स्थानीय संगठनों ने 48 घंटे का बंद बुलाया है। इस बंद के चलते गुरुवार को करीब 10,000 दुकानें बंद रहीं। गुडालुर में अलग-अलग हमलों में लोगों की मौत से स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा और डर का माहौल है। बाघ ने कथित तौर पर जिन लोगों को अपना शिकार बनाया, उनकी पहचान बालकृष्णन और रविचंद्रन के तौर पर हुई है। व्यापारी, राजनीतिक पार्टियां और स्थानीय संगठन इस खूंखार बाघ को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग कर रहे हैं। यह बंद शुक्रवार को भी जारी रहेगा।

इससे पहले, मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष पर चर्चा करने के लिए कोटागिरी में व्यापारियों के संगठनों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में एक सर्वदलीय परामर्श बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक की अध्यक्षता सीपीआई (एम) के तालुक सचिव मणिकंदन ने की। बैठक में कुछ अहम प्रस्ताव भी पारित किए गए। इनमें जंगली जानवरों के कारण होने वाली मौतों के लिए मुआवजे की राशि को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए करने की मांग की गई। साथ ही, प्रत्येक पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की गई।
दूसरी ओर, व्यापारियों और स्थानीय लोगों के विरोध के बीच वन विभाग के कर्मचारी बाघ को पकड़ने के अपने प्रयासों को तेज कर रहे हैं। तमिलनाडु के मुख्य वन्यजीव वार्डन राकेश कुमार डोगरा के निर्देश पर गुडालुर के जिला वन अधिकारी देवराज के नेतृत्व में 100 से अधिक वन कर्मियों की एक विशेष टीम बनाई गई है। इस बड़े ऑपरेशन में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। तीन थर्मल-इमेजिंग ड्रोन, 130 ऑटोमैटिक कैमरे और 12 पिंजरों का उपयोग किया जा रहा है। कोयंबटूर से लाया गया 12वां पिंजरा भी लगाया गया है।

अधिकारियों ने सभी 130 कैमरों की फुटेज की जांच की, लेकिन किसी भी कैमरे में बाघ की कोई हरकत रिकॉर्ड नहीं हुई। लगातार हो रही बारिश, घना कोहरा और कम दिखाई देने की वजह से निगरानी में और भी दिक्कतें आ रही हैं। इसी वजह से यह चालाक बाघ तलाशी टीमों की नजरों से बचता रहा है। कोयंबटूर और दूसरे डिवीजनों से भी अतिरिक्त वन कर्मियों को बुलाया गया है। टीमें दिन-रात गश्त कर रही हैं और वृक्षारोपण क्षेत्रों और वन क्षेत्रों की निगरानी के लिए थर्मल ड्रोन का इस्तेमाल कर रही हैं।

वन विभाग ने बाघों की संभावित आवाजाही वाले इलाकों को चिह्नित किया है और इन इलाकों में आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। वन विभाग के अधिकारी बाघ को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इलाके की भौगोलिक स्थिति और बाघ की चालाकी के कारण यह एक चुनौतीपूर्ण काम साबित हो रहा है। स्थानीय लोग भी इस घटना से काफी डरे हुए हैं और जल्द से जल्द बाघ को पकड़ने की मांग कर रहे हैं ताकि वे सुरक्षित महसूस कर सकें।