रणवीर सिंह का बॉलीवुड सफर: संघर्ष से सफलता तक की कहानी

NewsPoint
Navbharat Times
मुंबई, 5 जुलाई। आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर' में रणवीर सिंह के शानदार अभिनय की खूब तारीफ हुई, लेकिन इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और संघर्ष की एक लंबी कहानी छिपी है। आज करोड़ों दिलों पर राज करने वाले रणवीर सिंह कभी अपनी पढ़ाई के दौरान रोज़मर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए छोटे-मोटे काम किया करते थे। कॉलेज के दिनों में उन्होंने पार्ट-टाइम नौकरी की और विज्ञापन एजेंसियों में कॉपीराइटर के तौर पर भी काम किया। इन सबके बीच उनका एक ही सपना था - बॉलीवुड में एक्टर बनना। अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने न सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई, बल्कि आज वे हिंदी सिनेमा के सबसे सफल और सबसे ज़्यादा पसंद किए जाने वाले एक्टर्स में से एक हैं।

रणवीर सिंह का जन्म 6 जुलाई 1985 को मुंबई के एक सिंधी परिवार में हुआ था। बचपन से ही उन्हें फिल्मों और अभिनय में गहरी रुचि थी। स्कूल के दिनों से ही वे नाटकों और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते थे। आगे चलकर वे अमेरिका की इंडियाना यूनिवर्सिटी ब्लूमिंगटन में पढ़ने गए, जहाँ उन्होंने टेली-कम्युनिकेशन और थिएटर की पढ़ाई की। कॉलेज के दिनों में रणवीर का जीवन काफी सामान्य और संघर्ष भरा था। इस दौरान उन्होंने अपने रोज़मर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए पार्ट-टाइम काम किया। इसी दौरान उन्होंने थिएटर किया और एक्टिंग की बारीकियां सीखीं, जिसने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया।
भारत लौटने के बाद, रणवीर ने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने से पहले विज्ञापन जगत में काम किया। उन्होंने मशहूर एजेंसियों के लिए क्रिएटिव आइडिया और लेखन का काम किया। यह अनुभव उनके लिए बहुत काम आया क्योंकि इससे उनकी सोच और मजबूत हुई। लेकिन उनका सपना हमेशा से ही एक्टर बनने का था, इसलिए उन्होंने नौकरी छोड़कर ऑडिशन देना शुरू कर दिया। काफी संघर्ष के बाद, 2010 में उन्हें यश राज फिल्म्स की 'बैंड बाजा बारात' में मुख्य भूमिका मिली। यह फिल्म उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। इस फिल्म में दिल्ली के लड़के बिट्टू शर्मा का किरदार निभाकर उन्होंने दर्शकों का दिल जीत लिया और उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला।

इसके बाद, उन्होंने 'लेडीज वर्सेस रिकी बहल', 'लुटेरा', 'गोलियों की रासलीला राम-लीला', 'बाजीराव मस्तानी', 'पद्मावत', 'गली बॉय' और 'सिम्बा' जैसी कई बड़ी फिल्मों में काम किया और हर बार अपने अभिनय से खुद को साबित किया। अपने करियर में उन्होंने कई पुरस्कार जीते हैं, जिनमें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स सबसे प्रमुख हैं। वे भारत के सबसे चर्चित और सबसे अधिक कमाई करने वाले एक्टर्स में शामिल हैं। उनकी लोकप्रियता सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों में भी उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है।

रणवीर सिंह की सफलता की कहानी हमें सिखाती है कि अगर हम अपने सपनों पर यकीन रखें और कड़ी मेहनत करें, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। कॉलेज के दिनों में पार्ट-टाइम काम करने वाले रणवीर आज बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों में से एक हैं। उनकी यात्रा उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं। उन्होंने साबित किया है कि लगन और मेहनत से कुछ भी हासिल किया जा सकता है।

उनकी फिल्मों की बात करें तो 'बैंड बाजा बारात' ने उन्हें पहचान दिलाई, तो 'बाजीराव मस्तानी' और 'पद्मावत' जैसी फिल्मों ने उन्हें एक मंझे हुए कलाकार के रूप में स्थापित किया। 'गली बॉय' में उनके रैप ने युवाओं को दीवाना बना दिया। हर किरदार में वे खुद को ढाल लेते हैं और दर्शकों को अपनी एक्टिंग से मंत्रमुग्ध कर देते हैं। उनकी एनर्जी और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस हमेशा कमाल की होती है।

रणवीर सिंह सिर्फ एक एक्टर ही नहीं, बल्कि एक स्टाइल आइकॉन भी हैं। उनके फैशन सेंस की हमेशा चर्चा रहती है। वे हमेशा कुछ नया और हटकर करने की कोशिश करते हैं, चाहे वह उनका अभिनय हो या उनका पहनावा। उनकी यह बेबाकी और आत्मविश्वास ही उन्हें दूसरों से अलग बनाता है।

आज रणवीर सिंह का नाम हिंदी सिनेमा के सबसे सफल एक्टर्स में लिया जाता है। उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाती हैं और दर्शक उन्हें पर्दे पर देखने के लिए बेताब रहते हैं। यह सब उनकी कड़ी मेहनत, लगन और अपने काम के प्रति समर्पण का नतीजा है।