असम में बाढ़ की स्थिति सुधरी, सिर्फ धेमाजी जिला प्रभावित, कोई नदी खतरे के निशान से ऊपर नहीं

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Navbharat Times
गुवाहाटी, 5 जुलाई: असम में बाढ़ की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। रविवार को जारी असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की रिपोर्ट के अनुसार, अब केवल धेमाजी जिला ही बाढ़ से प्रभावित है। अच्छी खबर यह है कि कोई भी बड़ी नदी खतरे के निशान से ऊपर नहीं बह रही है।

एएसडीएमए की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, धेमाजी जिले के दो राजस्व सर्किलों के 15 गांवों में कुल 3,917 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा असर जोनाई और सिसिबोरगांव राजस्व सर्किलों में देखा गया है। फिलहाल, जिले में दो राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जिनमें 165 लोग शरण लिए हुए हैं। इन शिविरों में 42 पुरुष, 64 महिलाएं और 51 बच्चे शामिल हैं। राहत शिविरों में आठ गर्भवती या स्तनपान कराने वाली माताएं भी मौजूद हैं। हालांकि, किसी भी दिव्यांग व्यक्ति के शिविरों में होने की कोई सूचना नहीं है।
बाढ़ के कारण फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने का काम धेमाजी जिले में जारी है। गाद जमा होने से कई सौ हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है। जिला प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है और नुकसान का जायजा लेने के लिए जियो-टैग की गई निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर रहा है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि लगभग 70 हेक्टेयर फसल वाला इलाका अभी भी पानी में डूबा हुआ है। बाढ़ से कुल 14,014 जानवर प्रभावित हुए हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि कोई भी जानवर बहकर नहीं गया है। बाढ़ के पानी ने 91 घरों को भी नुकसान पहुंचाया है। इनमें से 13 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि 78 घरों को आंशिक नुकसान हुआ है।

सबसे राहत भरी खबर यह है कि इस बाढ़ में किसी भी व्यक्ति की मौत या किसी के लापता होने की कोई खबर नहीं है। इसके अलावा, किसी भी बचाव अभियान की आवश्यकता नहीं पड़ी, चाहे वह नाव से हो या हेलीकॉप्टर से। यह इस बात का संकेत है कि बाढ़ की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। अधिकारियों ने रविवार सुबह तक पुष्टि की कि राज्य की कोई भी नदी खतरे के निशान या बाढ़ के उच्चतम स्तर से ऊपर नहीं बह रही थी।

हालांकि, लखीमपुर जिले में एक सड़क बाढ़ के पानी से क्षतिग्रस्त हो गई है। माज पतिरचुक और बोरकुलिया को जोड़ने वाली यह सड़क टूटने से प्रभावित इलाकों में आवागमन बाधित हो गया है।

जिला प्रशासन धेमाजी जिले में गाद जमा होने से फसलों को हुए नुकसान का लगातार आकलन कर रहा है। कई सौ हेक्टेयर कृषि भूमि पर इसका असर पड़ा है। जिला प्रशासन स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और जियो-टैग की गई निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर रहा है। यह रिपोर्ट नुकसान का सही आकलन करने में मदद करेगी।

कुल मिलाकर, असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रहा है और प्रशासन प्रभावित लोगों की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। हालांकि कुछ इलाकों में नुकसान हुआ है, लेकिन किसी भी जानमाल के बड़े नुकसान की खबर नहीं है, जो एक बड़ी राहत की बात है।