नोवाक जोकोविच ने विंबलडन में रोजर फेडरर का रिकॉर्ड तोड़ा, सबसे ज्यादा मैच जीतने वाले खिलाड़ी बने

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Navbharat Times
लंदन, 5 जुलाई: सर्बियाई टेनिस दिग्गज नोवाक जोकोविच ने विंबलडन में एक और ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है। उन्होंने रविवार को चौथे दौर के रोमांचक मुकाबले में क्वालिफायर रोमन साफियुलिन को 7-6(6), 6-3, 3-6, 6-3 से हराकर न केवल क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, बल्कि विंबलडन के पुरुष एकल इतिहास में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाले खिलाड़ी भी बन गए। इस जीत के साथ, जोकोविच ने रोजर फेडरर के 105 जीत के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए अपने नाम 106 जीत दर्ज कीं। अब केवल मार्टिना नवरातिलोवा (120 जीत) ही उनसे आगे हैं। यह जोकोविच का लगातार नौवां और करियर का 17वां विंबलडन क्वार्टर फाइनल है।

सेंटर कोर्ट पर तीन घंटे 26 मिनट तक चले इस कड़े मुकाबले में जोकोविच को साफियुलिन से कड़ी चुनौती मिली। साफियुलिन ने मैच की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की और पहले सेट में 5-2 की बढ़त बना ली थी। उन्होंने दो सेट प्वाइंट भी हासिल किए, लेकिन जोकोविच ने हार नहीं मानी और शानदार वापसी करते हुए सेट को टाईब्रेक तक पहुंचाया। टाईब्रेक में भी साफियुलिन 6-6 पर दो मौके गंवा बैठे और एक गलत ड्रॉप शॉट के कारण जोकोविच ने पहला सेट अपने नाम कर लिया।
मैच के बाद जोकोविच ने अपनी जीत पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा, "यह एक और कठिन जीत रही। रोमन ने मैच की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की। बेसलाइन से मैं सहज महसूस नहीं कर रहा था। मुझे पता था कि लंबी रैलियों में उनके खिलाफ खेलना आसान नहीं होगा। वह बेहद मजबूत खिलाड़ी हैं और आज के प्रदर्शन पर उन्हें गर्व होना चाहिए।"

दूसरे सेट में भी दोनों खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। 3-2 के स्कोर पर 10 मिनट तक चले एक लंबे गेम में जोकोविच ने चौथे ब्रेक प्वाइंट को भुनाकर निर्णायक बढ़त हासिल की। जोकोविच ने अपनी रणनीति में बदलाव पर जोर देते हुए कहा, "आमतौर पर बेसलाइन से मैं खुद को बहुत कम खिलाड़ियों से कमजोर मानता हूं, लेकिन आज ऐसा दिन था जब मैं लंबी रैलियों से बचना चाहता था। इसलिए मैंने अपने खेल में बदलाव किया। कभी यह रणनीति सफल रही, कभी नहीं, लेकिन आखिर में मेरी पहली सर्विस की सटीकता ने मुझे मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला।"

साफियुलिन, जो 2026 में टूर स्तर पर एक भी जीत दर्ज किए बिना विंबलडन पहुंचे थे, ने हार नहीं मानी। तीसरे सेट में कूल्हे में चोट के कारण मेडिकल टाइमआउट लेने के बावजूद, उन्होंने शानदार वापसी की और अगले चार में से तीन गेम जीतकर मुकाबले को चौथे सेट तक खींच लिया। हालांकि, 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन जोकोविच ने चौथे सेट में अपना दबदबा दिखाया और आक्रामक खेल खेलते हुए मैच पर फिर से नियंत्रण स्थापित कर लिया और जीत दर्ज की। उन्होंने पांच सप्ताह पहले रोलां गैरो में दो सेट की बढ़त गंवाने की गलती को दोहराने से बचते हुए खिताब की अपनी उम्मीदों को जीवित रखा।

साफियुलिन ने पहले सेट में जोकोविच को कड़ी टक्कर दी थी। उन्होंने 5-2 की बढ़त बना ली थी और दो सेट प्वाइंट भी हासिल किए थे। लेकिन जोकोविच ने अपनी अनुभव का इस्तेमाल करते हुए वापसी की और सेट को टाईब्रेक में ले गए। टाईब्रेक में भी साफियुलिन ने दो मौके गंवाए, जिससे जोकोविच को पहला सेट जीतने में मदद मिली।

दूसरे सेट में भी मुकाबला कड़ा रहा। 3-2 के स्कोर पर एक लंबा गेम खेला गया, जिसमें जोकोविच ने चौथे ब्रेक प्वाइंट को भुनाकर बढ़त बनाई। जोकोविच ने अपनी सर्विस की सटीकता को जीत का श्रेय दिया।

तीसरे सेट में साफियुलिन ने कूल्हे की चोट के बावजूद शानदार खेल दिखाया और सेट जीत लिया। लेकिन चौथे सेट में जोकोविच ने वापसी की और मैच जीत लिया।

अब क्वार्टर फाइनल में जोकोविच का सामना फेलिक्स ऑगर-अलियासिम और अलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा। यदि जोकोविच सेमीफाइनल में पहुंचते हैं, तो उनकी भिड़ंत मौजूदा विश्व नंबर एक और गत चैंपियन यानिक सिनर से हो सकती है। यह मुकाबला काफी रोमांचक होने की उम्मीद है।