अदाणी ग्रुप शिवपुरी में 2,500 करोड़ रुपए का मिसाइल मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाएगा
अदाणी ग्रुप शिवपुरी में 2,500 करोड़ रुपए का मिसाइल मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाएगा
NewsPoint•
अदाणी ग्रुप ने मध्य प्रदेश के शिवपुरी में अगले तीन सालों में 2,500 करोड़ रुपये का निवेश करके दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा प्राइवेट मिसाइल मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाने का ऐलान किया है। यह कदम भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जहाँ कच्चे माल से लेकर तैयार मिसाइल सिस्टम तक सब कुछ एक ही जगह बनेगा। यह प्रोजेक्ट भारत के प्राइवेट डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।
अदाणी एंटरप्राइजेज के डायरेक्टर जीत अदाणी ने शिवपुरी में नींव रखने के समारोह में कहा कि यह फैक्ट्री पब्लिक सेक्टर के बाहर पहली बार मिसाइल मैन्युफैक्चरिंग की पूरी वैल्यू चेन को एक ही छत के नीचे लाएगी। उन्होंने कहा, “हम आज एक अहम मौके के लिए यहां जमा हुए हैं, जहां दक्षिण एशिया के सबसे बड़े प्राइवेट-सेक्टर मिसाइल इकोसिस्टम की नींव रखी जा रही है। यह फैक्ट्री कच्चे माल और मिशन के लिए तैयार मिसाइलों को एक ही छत के नीचे लाएगी, जो पब्लिक सेक्टर के बाहर ऐसा पहली बार होगा।”इस नए कॉम्प्लेक्स में मीडियम से लेकर लॉन्ग-रेंज मिसाइल सिस्टम बनाए जाएंगे। साथ ही, यहाँ कम्पोजिट प्रोपेलेंट (रॉकेट में इस्तेमाल होने वाला ईंधन) और टीएनटी व एक्सप्लोसिव-ग्रेड मटीरियल (विस्फोटक सामग्री) बनाने की सुविधाएँ भी होंगी। इससे भारत की रक्षा आयात पर निर्भरता कम होगी। इस प्रोजेक्ट से करीब 5,000 लोगों को सीधी और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। इसके अलावा, एक खास डिफेंस सप्लाई चेन के जरिए 50 से ज्यादा छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) को भी बढ़ने का मौका मिलेगा।
जीत अदाणी ने बताया कि यह डिफेंस प्रोजेक्ट, भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान अदाणी ग्रुप द्वारा मध्य प्रदेश में किए गए 1.10 लाख करोड़ रुपये के बड़े निवेश वादे का हिस्सा है। इन निवेशों में हाइड्रो पंपेड स्टोरेज (पानी से बिजली बनाने की तकनीक), सीमेंट, माइनिंग (खनन), स्मार्ट मीटर और थर्मल एनर्जी (ताप ऊर्जा) जैसे क्षेत्र शामिल हैं। उम्मीद है कि इन निवेशों से 2030 तक राज्य में 1.2 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी।
अदाणी ग्रुप पहले ही कटनी जिले में अपने अमेथा और कैमोर प्लांट में 4,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश कर चुका है। अदाणी पावर अभी मध्य प्रदेश को 1,200 मेगावाट बिजली दे रहा है और 5,600 मेगावाट बिजली की आपूर्ति पर काम चल रहा है। कंपनी ने लाहोरी, धार, रतलाम और उज्जैन में विंड एनर्जी प्रोजेक्ट (पवन ऊर्जा परियोजनाएं) भी शुरू किए हैं। उज्जैन में सीमेंट प्लांट लगाने की भी तैयारी चल रही है।
जीत अदाणी ने यह भी बताया कि ग्रुप ने हाल ही में गुना में 1,060 करोड़ रुपये की सीमेंट यूनिट की आधारशिला रखी है। उन्होंने इसे जिले के इतिहास का सबसे बड़ा निवेश बताया। यह सब दिखाता है कि अदाणी ग्रुप मध्य प्रदेश के विकास में एक बड़ी भूमिका निभा रहा है और राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद कर रहा है। इस मिसाइल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से न केवल रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे और छोटे उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह भारत के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम है।