विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दोहा में कतर के Pm से की मुलाकात, द्विपक्षीय सहयोग पर हुई चर्चा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दोहा में कतर के PM से की मुलाकात, द्विपक्षीय सहयोग पर हुई चर्चा
NewsPoint•
दोहा में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा हुई और भारत-कतर की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के नए रास्ते तलाशे गए। जयशंकर ने भारत के लोगों की सुरक्षा और उनके कल्याण का ध्यान रखने के लिए कतर के प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने ऊर्जा, व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और लोगों के आपसी संबंधों जैसे द्विपक्षीय सहयोग के कई पहलुओं की समीक्षा की। साथ ही, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और उसके असर पर भी विचार-विमर्श हुआ। यह मुलाकात भारत की पांच जुलाई से दस जुलाई तक चलने वाली कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान की आधिकारिक यात्रा का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य इन देशों के साथ भारत के रिश्तों को मजबूत करना और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत करना है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक् स’ पर लिखा, “आज दोहा में कतर के Prime Minister और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से मिलकर खुशी हुई। मैंने India के लोगों की सुरक्षा और उनके अच्छे हाल-चाल का ध्यान रखने के लिए उनका धन्यवाद किया। हमने ऊर्जा, व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और लोगों के आपसी संबंधों समेत हमारे द्विपक्षीय सहयोग के कई पहलुओं की समीक्षा की। साथ ही रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के नए अवसरों पर भी चर्चा की। उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और उसके असर को लेकर अपने विचार भी साझा किए, जिसके लिए मैं उनका आभारी हूं।”विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, विदेश मंत्री जयशंकर की यह यात्रा पांच जुलाई से शुरू होकर दस जुलाई तक चलेगी। इस यात्रा में वे कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान का दौरा करेंगे। इस दौरे का मुख्य मकसद इन चारों देशों के साथ भारत के संबंधों को और गहरा करना, क्षेत्रीय परिस्थितियों पर चर्चा करना और आपसी हित के मुद्दों पर बातचीत करना है। इससे पहले, पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से फोन पर बात की थी। उन्होंने कतर के रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए एक हादसे के संबंध में भी चर्चा की थी।
कतर के विदेश मंत्रालय ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक् स’ पर इस मुलाकात की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “Prime Minister और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी और India के विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने मुलाकात के दौरान द्विपक्षीय संबंधों और उन्हें मजबूत करने और विकसित करने के तरीकों पर चर्चा की, खासकर आर्थिक क्षेत्र में।” मंत्रालय ने बताया कि इस दौरान दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय घटनाओं और वैश्विक अर्थव्यवस्था व ऊर्जा बाजारों पर उनके प्रभाव के साथ-साथ आपसी हित के कई अन्य मुद्दों पर भी बातचीत हुई।
दोनों देशों के नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि विवादों और टकरावों को बातचीत और कूटनीतिक तरीकों से सुलझाना बहुत जरूरी है। इससे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने यह भी तय किया कि दोनों देशों के बीच संयुक्त कार्य तंत्र और द्विपक्षीय समितियों को सक्रिय करके कतर और भारत के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहयोग बढ़ाया जाएगा।
भारत और कतर के बीच रिश्ते काफी पुराने और मजबूत हैं। इन रिश्तों की नींव पुराने व्यापारिक संबंधों और दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे जुड़ाव पर टिकी है। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध साल 1973 में स्थापित हुए थे और 2023 में इन संबंधों के 50 साल पूरे होने का जश्न मनाया गया था। भारतीय दूतावास के अनुसार, ऊर्जा, व्यापार, निवेश और कई अन्य क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। दोनों देशों की सरकारों के शीर्ष स्तर पर नियमित बातचीत और मुलाकातों से यह साझेदारी और मजबूत हुई है। साल 2025 में कतर के अमीर की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था। यह दर्जा दोनों देशों के बीच संबंधों की गहराई और महत्व को दर्शाता है।