प्रधानमंत्री मोदी ने जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित किया, इंडोनेशिया के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित किया, इंडोनेशिया के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव पर जोर
NewsPoint•
जकार्ता, 7 जुलाई। तीन देशों की यात्रा पर निकले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के उस बयान को याद किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनमें भारतीय डीएनए है। पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि यह डीएनए आपसी भरोसे, साझा इतिहास और सभ्यतागत विरासत पर आधारित है। उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया का रिश्ता सिर्फ दो देशों का नहीं, बल्कि सभ्यताओं और सागर का है, जो सदियों पुरानी परंपराओं और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि कैसे भारत अपने समुद्री क्षेत्र को मजबूत कर रहा है और इंडोनेशिया इस प्रयास में एक महत्वपूर्ण दोस्त है। उन्होंने दोनों देशों के साझा लक्ष्य विकास पर जोर देते हुए कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की ग्रोथ को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रही है, यहां तक कि कोरोना और पश्चिम एशिया संकट के दौरान भी भारत की अर्थव्यवस्था रुकी नहीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जकार्ता कन्वेंशन सेंटर में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने 2026 में भारत के गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के तौर पर गर्व से कहा था कि उनमें भारतीय डीएनए है। पीएम मोदी ने इस बात को दोहराते हुए कहा कि राष्ट्रपति सुबियांतो के इस एक वाक्य ने लाखों भारतीयों का दिल जीत लिया। उन्होंने समझाया कि जिस डीएनए की बात राष्ट्रपति ने की थी, वह डीएनए आपसी भरोसे, साझा इतिहास और साझा सभ्यतागत विरासत पर आधारित होता है।पीएम मोदी ने आगे कहा, "मैं कहता हूं ज िस डीएनए की बात आपने की थी, वो डीएनए साझी व िरासत से बना है। वो डीएनए उन समुद्री हवाओं से बना है, ज िसने हमारे जहाजों को एक दूसरे के तट तक पहुंचाया।" उन्होंने भारत और इंडोनेशिया के रिश्ते को सभ्यताओं और सागर का रिश्ता बताया। पीएम मोदी ने उदाहरण देते हुए कहा कि महानदी में केले के छिलके से बनी छोटी नावें बहाने की परंपरा हो, ‘वायांग कुलित’ के जरिए महाIndia का मंचन हो, या फिर ‘देवी श्री’ की पूजा, ये हर परंपरा भारत और इंडोनेशिया के बीच गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इस रिश्ते का इतिहास जितना पुराना है, उतना ही समृद्ध भी है।
प्रधानमंत्री ने भारत की समुद्री शक्ति को मजबूत करने के प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारत अपने समुद्री क्षेत्र को मजबूत करने के लिए बंदरगाहों को आधुनिक बना रहा है, नए जहाज बना रहा है और समुद्री रास्तों की खोज कर रहा है। ऐसे में इंडोनेशिया भारत का एक बहुत अच्छा दोस्त है। पीएम मोदी ने कहा कि चाहे इंडोनेशिया हो या भारत, दोनों देशों का साझा लक्ष्य विकास है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हम न तो इंतजार कर सकते हैं और न ही रुक सकते हैं। दोनों देश विकास के लिए अधीर हैं और उनके पास न रुकने का मौका है न थमने का।
पीएम मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की ग्रोथ को ड्राइव करने में बड़ी भूमिका निभा रही है। उन्होंने याद दिलाया कि जब दुनिया पर कोरोना का इतना बड़ा संकट आया था, तब भी भारत की अर्थव्यवस्था ठप नहीं पड़ी थी। इसी तरह, जब पश्चिम एशिया का इतना बड़ा संकट चल रहा था, तब भी भारत की अर्थव्यवस्था थमी नहीं थी। उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था की उपलब्धियों के बारे में लोगों ने जरूर सुना होगा।
प्रधानमंत्री ने बताया कि पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत की विकास दर 7.7 प्रतिशत रही। उन्होंने इस रफ्तार को भारत में किए गए सुधारों का नतीजा बताया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने अच्छा प्रदर्शन किया है और इसीलिए भारत में बदलाव आ रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब दुनिया कोविड-19 संकट से जूझ रही थी, तब भारतीय अर्थव्यवस्था रुकी नहीं। यहां तक कि पश्चिम एशिया संकट के दौरान भी भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी नहीं पड़ी। यह सब भारत में किए गए सुधारों का परिणाम है, जिसके कारण देश में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।