गुजरात में भारी बारिश और चांडीपुरा वायरस का खतरा: स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
गुजरात में भारी बारिश और चांडीपुरा वायरस का खतरा: स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
NewsPoint•
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने राज्य में भारी बारिश के बीच स्वास्थ्य विभाग की पूरी सतर्कता का आश्वासन दिया है। गोधरा तालुका में चांडीपुरा वायरस से दो बच्चों की मौत के बाद, मंत्री ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमें लगातार निगरानी और बचाव कार्य कर रही हैं। राज्य के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी है और पिछले 12 घंटों से लगातार बारिश हो रही है, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
मंत्री ने बताया कि राज्य के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। खासकर बारिश के मौसम में सांप और बिच्छू के काटने के मामलों को देखते हुए एंटी-वेनम और अन्य जरूरी दवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। जलजनित और संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए भी व्यापक तैयारी की गई है। दस्त, उल्टी, बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों के इलाज की दवाएं सभी स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचा दी गई हैं। किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है और जरूरत पड़ने पर उन्हें तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जाएगा।गोधरा तालुका के दो गांवों में चांडीपुरा वायरस से दो बच्चों की मौत के बाद, स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें मौके पर भेजी गई हैं। प्रभावित परिवारों के साथ-साथ आसपास के सभी घरों का सर्वे किया जा रहा है। मेडिकल टीमें घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर रही हैं और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में कीटनाशकों का छिड़काव भी कराया जा रहा है। मंत्री ने यह भी बताया कि वर्ष 2024 में भी गुजरात के कुछ क्षेत्रों में चांडीपुरा वायरस के मामले सामने आए थे। उन क्षेत्रों की भी लगातार निगरानी की जा रही है ताकि संक्रमण दोबारा न फैले। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि यदि कोई नया मामला सामने आता है तो उसकी समय रहते पहचान कर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए।
भारी बारिश के कारण गुजरात के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 12 घंटों से लगातार बारिश हो रही है। इस स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार रहें।
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “Gujarat के कई जिलों में भारी वर्षा के कारण रेड अलर्ट जारी है और कई स्थानों पर पिछले 12 घंटों से लगातार बारिश हो रही है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की है। सभी जिलों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।”
उन्होंने आगे बताया कि राज्य के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। विशेष रूप से बारिश के मौसम में सांप और बिच्छू के काटने के मामलों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त मात्रा में एंटी-वेनम और अन्य जरूरी दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
जलजनित और संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए भी व्यापक तैयारी की गई है। दस्त, उल्टी, बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों के इलाज की दवाएं सभी स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचा दी गई हैं। किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है और जरूरत पड़ने पर उन्हें तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जाएगा।
चांडीपुरा वायरस के संबंध में मंत्री ने बताया कि गोधरा तालुका के दो गांवों में दो बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें मौके पर भेजी गई हैं। प्रभावित परिवारों के साथ-साथ आसपास के सभी घरों का सर्वे किया जा रहा है। मेडिकल टीमें घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर रही हैं और संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रभावित क्षेत्रों में कीटनाशकों का छिड़काव भी कराया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2024 में भी Gujarat के कुछ क्षेत्रों में चांडीपुरा वायरस के मामले सामने आए थे। उन क्षेत्रों की भी लगातार निगरानी की जा रही है ताकि संक्रमण दोबारा न फैले। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि यदि कोई नया मामला सामने आता है तो उसकी समय रहते पहचान कर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए।