भारत-फ्रांस क्रिटिकल मिनरल्स सहयोग: संयुक्त कार्य समूह की बैठक में अहम कदम

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Navbharat Times
नई दिल्ली, 7 जुलाई। भारत और फ्रांस ने महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में अपने सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। फ्रांस के रणनीतिक खनिज एवं धातु आपूर्ति के अंतर-मंत्रालयी प्रतिनिधि बेंजामिन गैलेजोट ने 6 और 7 जुलाई 2026 को दिल्ली का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भारत-फ्रांस के बीच क्रिटिकल मिनरल्स पर पहली संयुक्त कार्य समूह (ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप) की बैठक की सह-अध्यक्षता की। यह जानकारी मंगलवार को एक बयान में दी गई।

इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत की ओर से खनन मंत्रालय के राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन के संयुक्त सचिव कदम संदीप वसंत ने सह-अध्यक्षता की। बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज) और रेयर अर्थ तत्वों (दुर्लभ पृथ्वी तत्व) की खोज, प्रोसेसिंग (प्रसंस्करण), रिसाइक्लिंग (पुनर्चक्रण) और टिकाऊ सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) विकसित करने जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों देशों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भविष्य की औद्योगिक और तकनीकी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए एक मज़बूत, सुरक्षित और टिकाऊ सप्लाई चेन बनाना बहुत ज़रूरी है। बातचीत के दौरान भारत, फ्रांस और अन्य प्रमुख देशों में संयुक्त सहयोग परियोजनाओं की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
इस बैठक में फ्रांस की ब्यूरो ऑफ जियोलॉजिकल एंड माइनिंग रिसर्च (बीआरजीएम) और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। इन दोनों संस्थानों ने अपने लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को और आगे बढ़ाने और क्रिटिकल मिनरल्स की पूरी वैल्यू चेन (मूल्य श्रृंखला) से जुड़ी जानकारी और विशेषज्ञता साझा करने के नए अवसरों पर चर्चा की।

नई दिल्ली दौरे के दौरान बेंजामिन गैलेजोट ने भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पवन कपूर से भी मुलाकात की। इसके अलावा, उन्होंने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की। इस बातचीत में खनन, उद्योग और निवेश से जुड़े सहयोग के अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया।

यह दौरा फरवरी 2026 में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित भारत-फ्रांस क्रिटिकल मिनरल्स सहयोग संबंधी संयुक्त आशय घोषणा का अगला कदम है। उस घोषणा के तहत, दोनों देश खनिज खोज, खनन, अनुसंधान, नवाचार, वैल्यू चेन के विविधीकरण, सप्लाई चेन की मजबूती और सर्कुलर इकोनॉमी (चक्रीय अर्थव्यवस्था) जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने के लिए सहमत हुए थे।

बयान के अनुसार, फ्रांस का रणनीतिक खनिज एवं धातु आपूर्ति अंतर-मंत्रालयी प्रतिनिधिमंडल दिसंबर 2022 में बनाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य फ्रांस के लिए रणनीतिक खनिजों और धातुओं की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करना है। साथ ही, यह विभिन्न मंत्रालयों के बीच तालमेल बिठाकर औद्योगिक, ऊर्जा और रणनीतिक ज़रूरतों के लिए एक मज़बूत सप्लाई चेन तैयार करने का काम करता है।

क्रिटिकल मिनरल्स वे खनिज होते हैं जो आधुनिक तकनीक और अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ज़रूरी होते हैं, जैसे कि इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले खनिज। इनकी सप्लाई चेन अक्सर कुछ ही देशों पर निर्भर करती है, इसलिए भारत और फ्रांस जैसी देश अपनी सप्लाई चेन को सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। यह सहयोग दोनों देशों को भविष्य की ज़रूरतों के लिए तैयार करेगा और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।